राजगीर सफारी का युवराज गया इटावा, 17 सर्प मित्रों को पहचान पत्र; अस्पताल में मौत से हड़कंप
राजगीर सफारी में वन्यजीवों का आदान-प्रदान, छठ पर 15 नवंबर को सफारी बंद; बिहारशरीफ में एंबुलेंस की देरी और विवाहिता की संदिग्ध मौत ने उठाए सवाल।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। ऐतिहासिक नालंदा जिला शुक्रवार को विकास, पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण, राजनीतिक गतिविधियों और जनस्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को लेकर चर्चा में रहा। एक ओर राजगीर सफारी से शेर युवराज को इटावा भेजे जाने और 17 सर्प मित्रों को पहचान पत्र व रेस्क्यू उपकरण दिए जाने की खबर सामने आई, तो दूसरी ओर सदर अस्पताल में एंबुलेंस की कथित देरी से मरीज की मौत और रेलवे ट्रैक के किनारे विवाहिता का शव मिलने की घटनाओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राजगीर का युवराज अब इटावा सफारी में, बदले में आया शेर निक
राजगीर जू-सफारी के चर्चित नर शेर युवराज को वन्यजीव आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क भेजा गया है। इसके बदले इटावा से निक नामक नर शेर और चार ब्लैकबक राजगीर पहुंचे हैं। इनमें दो नर और दो मादा ब्लैकबक शामिल हैं।
इस आदान-प्रदान का उद्देश्य दोनों सफारी पार्कों में वन्यजीवों की प्रजातीय और आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देना तथा संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों को मजबूत करना है। राजगीर के पर्यटकों के लिए युवराज का जाना भले ही एक परिचित आकर्षण से विदाई जैसा हो, लेकिन वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से इसे संस्थागत सहयोग की पहल माना जा रहा है।
15 नवंबर को जू और नेचर सफारी बंद, पर्यटक पहले से बना लें योजना
छठ महापर्व के दौरान राजगीर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने 15 नवंबर को जू-सफारी और नेचर-सफारी बंद रखने का निर्णय लिया है।
इस दिन पर्यटकों को दोनों परिसरों में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकटों की बिक्री भी बंद रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य छठ के दौरान सुरक्षा, यातायात और विधि-व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। राजगीर घूमने की योजना बना रहे लोगों को इस तारीख का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
17 सर्प मित्रों को पहचान पत्र, सांपों की जान बचाने के साथ लोगों की सुरक्षा पर जोर
नालंदा में वन विभाग और मगध नेचर कंजर्वेशन ट्रस्ट की पहल पर 17 स्थानीय सर्प रेस्क्यूकर्ताओं को पहचान पत्र और आधुनिक रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इस पहल में सपेरा और नट समुदाय से जुड़े युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से सांपों को सुरक्षित पकड़ने और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे दोहरा फायदा होने की उम्मीद है। एक तरफ सांपों की अनावश्यक हत्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आबादी वाले क्षेत्रों में सांप निकलने पर प्रशिक्षित लोगों की सहायता ली जा सकेगी।
वन विभाग की ओर से यह संदेश भी दिया गया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
सदर अस्पताल में एंबुलेंस की देरी पर सवाल, मरीज की मौत के बाद जांच
बिहारशरीफ सदर अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध कराने में कथित देरी के बाद एक मरीज की मौत का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर हालत में भर्ती मरीज को बेहतर इलाज के लिए पावापुरी स्थित अस्पताल रेफर किया गया था। इस दौरान एंबुलेंस पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी हुई।
मरीज को बचाने के लिए डॉक्टरों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद रास्ते में उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान नूरसराय थाना क्षेत्र के बृजपुर गांव निवासी केदार पासवान के रूप में बताई गई है।
घटना के बाद परिजनों में नाराजगी है। अस्पताल के उपाधीक्षक ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ती है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता और उसकी जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अस्पतालों में कितनी प्रभावी व्यवस्था है।
गुजरात से लौटी विवाहिता का शव रेलवे ट्रैक के किनारे मिला, जांच में जुटी पुलिस
बिहारशरीफ के इमादपुर गांव के पास राजगीर-बख्तियारपुर रेलखंड पर एक विवाहिता का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान मानपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव निवासी जीरा देवी के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, वह गुजरात से एक दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। इसके बाद पारिवारिक विवाद की चर्चा सामने आई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है।
हालांकि पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
त्योहारों से पहले रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर प्रशासन की नजर
छठ और अन्य त्योहारों को लेकर नालंदा प्रशासन ने यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी है। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने बिहारशरीफ रेलवे स्टेशन और रामचंद्रपुर बस स्टैंड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी, यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों को यात्रियों की आवाजाही सुगम बनाने और आवश्यक सुविधाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बेहतर प्रबंधन यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
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