“बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के कोचिंग क्लासेस नहीं चला सकते है। बेन प्रखंड में अब तक जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उन में से किसी को भी शिक्षा विभाग से किसी भी प्रकार की कोई एनोओसी नहीं दी गई है। जो भी कोचिंग सेंटर चल रहे है। वह एक तरह से अमान्य है ….किरण कुमारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बेन।
बेन (रामावतार)। इन दिनों बेन प्रखंड क्षेत्र में नियम विरुद्ध कोचिंग सेंटरों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। जबकि कोचिंग संस्थान चलाने के लिए नियम कानून का पालन किया जाना है। लेकिन बेन प्रखंड मुख्यालय सहित क्षेत्रों में संचालित अधिकतर कोचिंग क्लासेस नियमों को ताक पर रखकर व अनदेखी कर मनमर्जी से मोटी फीस वसूल कर कोचिंग सेंटरों का संचालन कर रहे हैं।
छात्र छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ को देखते हुए भी जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन बैठे हैं। बीईओ किरण कुमारी की माने तो पूरे प्रखंड क्षेत्र में एक भी कोचिंग संस्थान ने अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
विभागीय उदासीनता के कारण जहाँ कोचिंग संचालक चांदी काट रहे हैं, वहीं हर साल विभाग को लाखों रुपए की राजस्व की क्षति हो रही है। प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से दर्जनों से अधिक कोचिंग सेंटरों का संचालन किया जा रहा है।
आश्चर्यजनक बात तो यह है कि पूरे बेन प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित किये जा रहे हैं, जिसमें एक भी कोचिंग संस्थान ने अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
वहीं दुखद बात यह है कि सब कुछ जानने के बावजूद संबंधित विभाग इन कोचिंग संचालकों के खिलाफ कारवाई नहीं कर रही है। यही कारण है कि प्रखंड क्षेत्र में बेरोकटोक अवैध कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।
वहीं इन संस्थानों द्वारा कोई भी मानक का पालन नहीं किया जाता और छात्रों का आर्थिक शोषण किया जाता है।
लोगों ने कहा कि पार्किंग की भी समस्या होने की वजह से बच्चे साईकिल को सड़कों पर खड़ी कर देते जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता।
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