नालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफशिक्षा

शिक्षकों को बड़ी राहत, सरकारी स्कूलों का बदला समय सारणी

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की छुट्टी पर चले जाने के बाद अतिरिक्त पदधारी एस सिद्धार्थ की ओर से सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है।

खबर है कि बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में स्कूल की टाइमिंग को लेकर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त पदधारी एस सिद्धार्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में सक्षमता पास शिक्षकों से जुड़ी काउन्सलिंग और पोस्टिंग से संबंधित भी निर्णय लिया जायेगा।

वहीं बिहार के सभी सरकारी स्कूलों की समय सारणी भी बदले जाने की प्रबल संभावना है। इसमें शिक्षकों को बड़ी राहत दी जा सकती है। इस संबंध में एसीएस एस सिद्धार्थ ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी से राय मांगी है।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार आगामी 9 जून से स्कूलों में समय सारणी बदल जाएगा। स्कूल का समय सुबह 6.30 से साढ़े 11.30 या फिर 7.00 बजे से 12.00 बजे तक चलेगा।

स्कूल वीसी खत्म होने के बाद नई टाइमिंग की जानकारी मिलेगी। अब सारे स्कूल शेष जून माह तक नए समय पर संचालित होंगे।

BPSC शिक्षकों को नहीं मिलेगें अन्य कोई छुट्टी, होगी कार्रवाई

अब इन शिक्षकों पर केके पाठक का डंडा चलना शुरु, जानें बड़ा फर्जीवाड़ा

देखिए केके पाठक का उल्टा चश्मा, जारी हुआ हैरान करने वाला फरमान, अब क्या करेंगे लाखों छात्र

भीषण गर्मी से बीपीएससी शिक्षिका और दो छात्र-छात्रा हुए बेहोश

छात्रों की 50% से कम उपस्थिति पर हेडमास्टर का कटेगा वेतन

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा