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राजगीर नगर की एक महिला पार्षद ने उकेरी अपनी पीड़ा- हम प्रशस्ति पत्र लेने के हकदार नहीं हैं, क्योंकि….

नालंदा दर्पण डेस्क। राजगीर नगर परिषद के वार्ड संख्या-21 से निवार्चित पार्षद चंद्रवंशी सविता कुमारी सोशल मीडिया (राजगीर मंच व्हाट्स्एप्प ग्रुप) पर जो अपनी भावनाएं रखी हैं, वह हर एक की अंतरात्मा झकझोरने वाली है।

उन्होंने दो टूक लिखा है कि हम प्रशस्ति पत्र लेने के हकदार नहीं हैं, क्योंकि….

👉बैतरणी नदी के उड़ाही की जगह प्लास्टिक बिछा दी गई हम चुप रहे !

👉सरस्वती नदी को बर्बाद कर दिया गया ,हम चुप रहे !

👉मूत्रालयों पर लगा हुआ ताला हम नहीं खुला सके ,हम चुप रहे !

👉वेंडिंग जोन में बसी दुकान हटा करके बाहर की दुकानों को सजा दिया गया,हम चुप रहे !

👉मेला सैरात की जमीन लूट ली गई हम चुप रहे !

👉गलियों में खराब लाइटों को ठीक नहीं कर सके,हम चुप रहे !

👉मेला के नाम पर अवैध बिल निकासी पर हम चुप रहें !

👉पूरे मेला अवधि तमाशबीन बनकर सिर्फ तमाशा देखते रहें, हम चुप रहे !

🤔आखिर हमने किया हीं क्या जो हम प्रशस्ति पत्र लें?

उन्होंने आगे लिखा है कि मेला को सजाने और सवारने का श्रेय तो उन लोगों को जाता है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से ईमानदारी से निस्वार्थ सेवा भाव से लगे रहें। हम उन सभी पुण्य आत्माओं को नमन करते है, जिनके प्रयास से राजगीर ने एक इतिहास रचा है। हमारा प्रशस्ति पत्र उन सभी को समर्पित।

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