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इस्लामपुर नगर बाजार में फुटपाथी कारोबार पर चला प्रशासन का बुल्डोजर

हिलसा (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर मुख्य बाजार में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फुटपाथी दुकानदारों के अतिक्रमण को हटाया, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। यह अभियान प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार और थानाध्यक्ष संजीव कुमार के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें नगर परिषद के कर्मी और पुलिस की भी सहभागिता रही। इस कार्रवाई के बाद इस्लामपुर के बाजार का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

अभियान की शुरुआत जगदंबा द्वार से पक्की तालाब तक की गई, जहां सड़कों के किनारे कई अस्थाई दुकानें लगी हुई थीं। प्रशासन ने माइक द्वारा तीन-चार दिन पहले ही दुकानदारों को चेतावनी दी थी, जिससे कुछ दुकानदारों ने खुद ही अपनी दुकानें हटा लीं। लेकिन बाकी दुकानदारों की दुकानों को शुक्रवार को प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बाजार की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और यातायात को सुचारू करना था, जो खासकर दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान बेहद ज़रूरी है। प्रशासन ने बताया कि इस कदम से मुख्य बाजार के रास्ते और पक्की तालाब तक सड़क किनारे लगे फल और सब्जी के ठेले-खोमचे हटा दिए गए हैं, जिससे यातायात सुगम हो सके।

हालांकि, इस कार्रवाई के बाद प्रभावित दुकानदारों में भारी नाराज़गी देखी गई। एक फल विक्रेता ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा, “हमारी दुकानें हटाए जाने से हमारा रोज़गार छिन गया है। अब परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।” दुकानदारों का आरोप है कि प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे कार्रवाई करता है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होता है।

दुकानदारों का यह भी कहना है कि अतिक्रमण हटाने की यह प्रक्रिया सिर्फ विशेष अवसरों पर ही होती है, जैसे दुर्गा पूजा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूजा के दौरान यातायात की व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान चलाया जाता है, लेकिन अन्य दिनों में प्रशासन इसे नजरअंदाज करता है।

इसके अलावा कुछ दुकानदारों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ प्रभावशाली लोगों के पीछे छिपे दुकानें नहीं हटाई जातीं, जबकि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

वहीं, प्रशासन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ यातायात की सुगमता और लोगों की सुविधा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में दुकानदारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनके रोजगार पर असर न पड़े।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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