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    Saturday, March 2, 2024
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      बेन पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित कर आशाकर्मियों ने किया प्रदर्शन

      बेन (नालंदा दर्पण)। नौ सूत्री मांगों को लेकर आशा कर्मी और आशा फैसिलिटेटर गुरुवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चली गई हैं। आशा कर्मियों के हड़ताल पर जानें के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण का कार्य भी ठप पड़ गया।

      अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए आशा कर्मियों और आशा फैसिलिटेटरों ने शुक्रवार को टीकाकरण सहित ओपीडी, दवा वितरण, आर आई, प्रसव कार्य, कार्यालय कार्य में तालाबंदी कर चिकित्सकीय सेवा भी बाधित कर दिया। आशा कर्मियों व फैसिलिटेटरों ने पूरे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर दिया।

      मौके पर प्रदर्शन कर रहे आशा कर्मियों व आशा फैसिलिटेटरों ने कहा कि नौ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल की गई है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगा।

      प्रदर्शन कर रहे आशा कर्मियों व फैसिलिटेटरों ने 18 हजार मासिक मानदेय करने, कोरोना काल में किए गए काम की राशि भुगतान करने, 10 लाख का बीमा लाभ देने, समय पर मानदेय का भुगतान करने, पारितोषिक शब्द की जगह मानदेय करने, बैठने के लिए आशा भवन का निर्माण करने की मांग को लेकर हड़ताल की गई है।

      फैसिलिटेटर अर्चना कुमारी, सेनु कुमारी, रीता कुमारी, सीमा रानी एवं कई आशा कर्मियों ने कहा कि दिन भर काम करते हैं और मजदूरी एक हजार महीने में मिलता है। आशा कर्मियों व फैसिलिटेटरों ने एक हजार में दम नहीं, 18 हजार से कम नहीं का नारा दिया।

      आशा कर्मियों ने यह भी कहा कि डिलीवरी, बंध्याकरण का पैसा भी मरीजों को नहीं मिलता। और जो मिलता है उसमें भी कटौती कर लिया जाता है। आशा कर्मियों ने यह भी कहा कि पेड मोबलाईजर का पैसा कभी नहीं मिला। इसके अलावे कोरोना काल का पैसा अब तक नहीं मिला है।

      वहीं बेन पीएचसी प्रभारी डॉक्टर सतीश कुमार सिंहा ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति एवं हाईकोर्ट का आदेश है कि स्वास्थ्य सेवा को बाधित नहीं करना है, लेकिन आशा कर्मियों व फैसिलिटेटरों ने ओपीडी, दवा वितरण, आर आई एवं कार्यालय कार्य में तालाबंदी कर चिकित्सकीय सेवा को बाधित कर दिया।

      इस संबंध में जिलाधिकारी, सिविल सर्जन, राज्य स्वास्थ्य समिति, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं थाना को लिखित जानकारी भेजी जा रही है।

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