जजमानी से इन्कार करने पर राजगीर में नाई की गोली मारकर हत्या

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जजमानी के काम से इन्कार करने पर एक 70 वर्षीय वृद्ध नाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान कृपा बिगहा निवासी स्वर्गीय बिशु ठाकुर के पुत्र सुखदेव ठाकुर के रूप में हुई है। इस घटना ने गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

जानकारी के अनुसार सुखदेव ठाकुर सिथौरा गांव में एक मांगलिक अनुष्ठान के लिए नाई का काम करने गए थे। बताया जाता है कि एक व्यक्ति ने अपने घर में पहले काम कराने की जिद की। जिसे सुखदेव ने अस्वीकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि उक्त व्यक्ति ने गुस्से में आकर सुखदेव पर गोली चला दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्यारों ने सुखदेव के शव को स्कॉर्पियो गाड़ी से उनके गांव कृपा बिगहा पहुंचाया और परिजनों को बताया कि उनकी मृत्यु छत से गिरने के कारण हुई है। हालांकि सिथौरा गांव के ही विरोधी गुट ने पुलिस को इस हत्या की सूचना दी। सूचना मिलते ही राजगीर पुलिस तुरंत कृपा बिगहा पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ के सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मृतक की पत्नी उर्मिला देवी ने बताया कि बुधवार को सिथौरा गांव में चार घरों में मांगलिक कार्यक्रम थे। सुखदेव जरूरत के अनुसार जजमानों के घर जाकर काम निपटा रहे थे। एक घर में चौका पूजन का काम पूरा करने के बाद वे दूसरे घर की ओर जा रहे थे। तभी एक युवक से उनकी बहस हो गई। उर्मिला देवी के अनुसार इसी बहस के दौरान युवक ने सुखदेव की गोली मारकर हत्या कर दी।

घटना की रात गांव वालों ने गोली चलने की आवाज सुनी। जिसके बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। इस घटना के बाद कृपा बिगहा और सिथौरा सहित आसपास के पांच-पौनिया गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुखदेव ठाकुर एक मेहनती और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। जो अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए नाई का काम करते थे। उनकी हत्या से गांव में आक्रोश और भय व्याप्त है।

राजगीर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि सुखदेव ठाकुर की हत्या देर रात हुई और वे इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का दावा किया है।

बहरहाल, सुखदेव ठाकुर पारंपरिक नाई समुदाय से थे, जो ग्रामीण क्षेत्रों में मांगलिक और धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी हत्या ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। इस घटना ने ग्रामीण समाज में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवादों और हिंसा की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए हैं।

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