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स्कूली बच्चों ने निकाला सड़क सुरक्षा जागरूकता मार्च- ‘सड़क पर मस्ती, जान नहीं है सस्ती’

बेन प्रखंड में ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल के बच्चों ने सड़क सुरक्षा को लेकर बाजार से गांव तक निकाला पैदल मार्च, निर्देशक शैलेन्द्र कुमार ने खुद दिखाई हरी झंडी।

बेन (नालंदा दर्पण / रामावतार)। सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को लेकर बेन प्रखंड की सड़कों पर एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय दृश्य देखने को मिला। हाथों में जागरूकता संदेश लिखे प्लाई कार्ड, जुबान पर जोशीले नारे और आंखों में सुरक्षित भविष्य का सपना लिए ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल के छात्र-छात्राएं जब बाजार की सड़कों पर निकले, तो हर राहगीर पल भर को रुककर उन्हें देखने और सुनने को मजबूर हो गया।

13 स्कूलों में चुना गया ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल

यह सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भारत स्काउट और गाइड नालंदा के जिला मुख्य आयुक्त तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी नालंदा के संयुक्त निर्देश पर आयोजित किया गया था।

इसके तहत जिले के कुल 13 विद्यालयों के प्राचार्य, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाध्यापिकाओं को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया था, जिनमें बेन का ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल भी प्रमुख रूप से चयनित रहा।

हरी झंडी दिखाने वाले अधिकारी नहीं पहुंचे

कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार पैदल मार्च को बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाना था। इसके लिए दिन और समय पहले से निर्धारित था, लेकिन निर्धारित समय पर किसी भी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से आयोजन पर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई।

इस पर ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल के निर्देशक शैलेन्द्र कुमार ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, लेकिन बच्चों के उत्साह और उद्देश्य को ठंडा नहीं पड़ने दिया।

उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर हरी झंडी दिखाते हुए पैदल मार्च को रवाना किया, जो नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सशक्त उदाहरण बन गया।

नारे जो लोगों के दिलो-दिमाग पर छोड़ गए असर

पैदल मार्च के दौरान बच्चों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रभावशाली नारे लगाए।

“सड़क पर मस्ती, जान नहीं है सस्ती”,

“नज़र हटी, दुर्घटना घटी”,

“एक बाइक दो सवारी, हेलमेट है उसकी पहचान”,

“लाल बत्ती का रखें ध्यान, नहीं तो कट जाएगा मृत्यु चालान”,

“वाहन धीमा चलाएं, अपना कीमती जीवन बचाएं”

जैसे नारों ने लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ गंभीरता से सोचने पर भी मजबूर कर दिया।

बाजार से गांव तक गूंजा सुरक्षा का संदेश

यह जागरूकता रैली ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल परिसर से निकलकर बेन बाजार, प्रमुख चौक-चौराहों, प्रखंड कार्यालय, थाना क्षेत्र होते हुए उसरीपर गांव तक पहुंची। रास्ते भर बच्चे सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश देते रहे और वाहन चालकों से नियमों का पालन करने की अपील करते रहे।

शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही सराहनीय

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्राचार्य सह स्काउट-गाइड प्रशिक्षक रजनीश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके साथ सहायक शिक्षक अशोक कुमार, बसंत कुमार सिंह, राजेश कुमार, अभिषेक कुमार तथा शिक्षिकाएं पिंकी कुमारी, अनुष्का कुमारी एवं नीलम कुमारी पूरे समय बच्चों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

संदेश साफ: सुरक्षा ही सबसे बड़ी समझदारी

इस सड़क सुरक्षा पैदल मार्च ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि यदि बचपन से ही बच्चों को यातायात नियमों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए, तो दुर्घटनाओं में निश्चित रूप से कमी लाई जा सकती है। ऑक्रिज सेन्ट्रल स्कूल का यह प्रयास न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक और प्रेरक पहल बनकर सामने आया।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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