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मंत्री के गृह प्रखंड बेन में समस्याओं का अंबार, सेवा-संवाद में खुली व्यवस्था की पोल

श्रवण कुमार के गृह प्रखंड में नल-जल से लेकर अंचल तक शिकायतें; एडीएम ने अधिकारियों को दिया समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के गृह प्रखंड क्षेत्र बेन में आयोजित सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम में ग्रामीणों ने नल-जल, अंचल से जुड़ी समस्याओं, भ्रष्टाचार, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य और मनरेगा सहित कई मुद्दे उठाए। मंत्री के गृह क्षेत्र में समस्याओं की यह तस्वीर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है…

बेन (नालंदा दर्पण)। बेन प्रखंड सह अंचल कार्यालय में गुरुवार को आयोजित सेवा-संवाद-समाधान कार्यक्रम में जनसमस्याओं की लंबी फेहरिस्त सामने आई। अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा और राजगीर एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने पहले प्रखंड सह अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालयी व्यवस्था और संचिका प्रबंधन में कुछ कमियां मिलने पर अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक सुधार और जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। सबसे अधिक शिकायतें नल-जल व्यवस्था और अंचल से जुड़े मामलों को लेकर सामने आईं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

कहीं चार महीने से पानी नहीं, कहीं महीनों से बंद है सप्लाई

दवाय विगहा में नल-जल व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ जर्जर विद्यालय भवन की मरम्मत की मांग पंस सदस्य सोनम सोनाली ने रखी। सैदपुर में टूटे नल-जल पाइप और अंचल संबंधी मामलों का मुद्दा उपप्रमुख ने उठाया। खैरा पंचायत के कई वार्डों में पानी की गंभीर समस्या की शिकायत मुखिया प्रतिनिधि जीतू मांझी ने की।

बेन पंचायत के वार्ड-1 स्थित रन्नुविगहा के महादलित टोले में चार महीने से पानी की किल्लत और बेनियां बिगहा में महीनों से बंद नल-जल आपूर्ति का मामला भी सामने आया। वहीं अरावां पंचायत के वार्ड 5 और 6 में भी नल-जल का पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की गई।

पानी के साथ स्कूल, स्वास्थ्य और सड़क की भी समस्या

भाजपा नेता पंकज कुमार ने बारिश कम होने के कारण गिरते जलस्तर की समस्या उठाते हुए इसके समाधान की मांग की। उन्होंने विद्यालयों में साफ-सफाई की गुणवत्ता, पंचायत सरकार भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंच की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी।

अरावां पंचायत के जफरा गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र की दयनीय स्थिति और लक्षण बिगहा गांव से प्रखंड मुख्यालय तक आने-जाने के लिए समुचित रास्ता नहीं होने की शिकायत भी दर्ज कराई गई। उधर, उत्तरी माध्यमिक विद्यालय लक्षण बिगहा में संजय कुमार के समय पर नहीं आने और विद्यालय से अनुपस्थित रहने की शिकायत सामने आई।

बारा पंचायत में नल-जल के साथ मनरेगा के तहत अब तक कार्य नहीं होने का मुद्दा पंस सदस्य राजकिशोर प्रसाद ने उठाया। नोहसा पंचायत में रोजगार सेवक की मनमानी और तबादले की मांग भी जनप्रतिनिधियों ने रखी।

भ्रष्टाचार और रिश्वत की शिकायतों ने भी खींचा ध्यान

कार्यक्रम में अंचल कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग प्रमुखता से उठी। आवास निर्माण में पर्यवेक्षक द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत के साथ निगरानी टीम गठित करने की मांग भी की गई। पंचायतों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार तथा खाद की कालाबाजारी और ऊंची कीमत पर बिक्री रोकने की मांग भी ग्रामीणों ने की।

नल-जल से जुड़ी शिकायतों पर पीएचईडी के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर ध्यान नहीं देने और फोन रिसीव नहीं करने की बात भी जनप्रतिनिधियों ने रखी। इससे कार्यक्रम में विभागीय जवाबदेही को लेकर सवाल उठे।

आवास लाभुकों को मिली गृह चाभी

कार्यक्रम के अंत में दर्जनों आवास लाभुकों को गृह चाभी प्रदान की गई। विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और प्राप्त शिकायतों के यथासंभव शीघ्र निष्पादन का भरोसा दिलाया।

अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किया जाता है। यह ऑनलाइन व्यवस्था है, जिसके माध्यम से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित अवधि में निष्पादन किया जाता है।

मौके पर बीडीओ आफताब आलम, सीओ, जीविका वीपीएम मनीषा भारती, प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृष्ण मुरारी, चिकित्सा प्रभारी, प्रखंड प्रमुख, बीस सूत्री अध्यक्ष समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

खास बात यह रही कि सेवा-संवाद-समाधान में शिकायतों की संख्या से अधिक उनकी विविधता ने बेन की जमीनी तस्वीर सामने रख दी। पानी से लेकर रास्ते, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, मनरेगा, आंगनबाड़ी और अंचल कार्यालय तक। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याओं का पूरा हिसाब रख दिया।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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