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सिविल सर्जन ने 3 अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण, 11 डॉक्टर समेत 20 कर्मी मिले गायब

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह इन दिनों जिले के अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेने एवं बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों और कर्मियों को चिंहित कर कार्रवाई करने में लगे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने जिले के तीन अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान जिले के तीन अस्पतालों के कुल ग्यारह डॉक्टर समेत बीस कर्मी बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाये गये। इस तरह ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टर और कर्मी कार्रवाई की जद में आ गये। सिविल सर्जन ने कार्रवाई करते हुए सभी अनुपस्थित डॉक्टरों और कर्मियों से जवाब तलब करते हुए अनुपस्थित अवधि के वेतन पर रोक लगा दी है।

साथ ही स्पष्टीकरण का जवाब संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। सीएस डॉ. सिंह ने बताया कि हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण 26 जुलाई को 11.35 सुबह में किया गया था।

इस दौरान अस्पताल की महिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुप्रिया 19 से लेकर 26 जुलाई तक अनुपस्थित, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुमन निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, डॉ. दीप शिखा महिला चिकित्सा पदाधिकारी व परिचारी विजय कुमार निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गये। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के ओपीडी में 164 मरीजों का इलाज किया था।

ओपीडी में 105 एवं आइपीडी में 79 तरह की दवा उपलब्ध थी। सीएस ने अस्पताल उपाधीक्षक को निर्देश दिया कि अनुपस्थित लोगों से स्पष्टीकरण प्राप्त मंतव्य के साथ उपब्ध कराये। इस बीच अनुपस्थित अवधि का वेतन पर रोक रहेगी।

सीएस डॉ. सिंह ने कहा कि हिलसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण 26 जुलाई को दोपहर 12.35 बजे किया गया। इस दौरान चार डॉक्टर समेत बारह कर्मी बिना सूचना के ड्यूटी से गायब पाये गये। अनुपस्थित लोगों में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भारती कुमारी, डॉ. प्रेरणा प्रतीक, डॉ. गौरी शंकर, डॉ. संगीता कुमारी, वीरेंद्र कुमार एफडब्लयू, रंजित रंजन, एमएफपीडब्लयू, एएनएम श्रीमती शिशुचंद्र हिमांशु, एएनएम बबीता कुमारी, परिचारी शशिभूषण प्रसाद, स्वास्थ्य सेवक शैलेंद्र कुमार यादव, परिचारी सियाराम व एएनएम रिंजु कुमारी शामिल हैं। इन अनुपस्थित कर्मियों से जवाब तलब करते हुए सीएस ने अनुपस्थित अवधि के वेतन भूगतान परथ रोक लगा दी है।

सीएस डॉ. सिंह ने कहा ड्यूटी में कोताही व लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर व कर्मियों पर हरहाल में सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने संबंधित पीएचसी व हिलसा एसडीएच के उपाधीक्षक को सख्त निर्देश दिया है कि डॉक्टर से लेकर कर्मी तक उपस्थिति ससमय सुनिश्चित करायें। ताकि मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके।

थरथरी पीएचसी के चार डॉक्टरों पर हुई कार्रवाईः सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 26 जुलाई 24 को जिले कये थरथरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण सुबस 10।30 बजे किया। इस दौरान अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन, डॉ. अनुराग दीप, डॉ. मो खालिद रसीद व डॉ. विश्वकर्मा शर्मा निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से गायब मिले। जबकि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डायरिया प्रभावित ढिबरापर गांव गये थे।

सीएस ने डायरिया प्रभावित ढिबरापर जाकर स्थिति का जायजा लिया। वहां पर पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मेडिकल टीम के साथ मौजूद थे। उन्होंने प्रभारी को डायरिया को लेकर सजग रहने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अस्पताल के अनुपस्थित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण का जवाब लेकर मंतव्य के साथ प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही संबंधित लोगों का अनुपस्थित अवधि का वेतन अगले आदेश तक स्थगित रहेगा।

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