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सिलाव नगर पंचायत में भ्रष्टाचार, कार्यपालक पदाधिकारी पर 4000 का जुर्माना

राजगीर (नालंदा दर्पण)। सिलाव नगर पंचायत में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कड़ाहडीह गांव निवासी सियाशरण प्रसाद ने सिलाव नगर पंचायत के वार्ड नंबर- 06 और 09 में हुए निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भुगतान घोटाले का आरोप लगाया।

इस मामले की सुनवाई राजगीर अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय में हुई, जहां सिलाव नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति और असहयोग के कारण उन पर 4000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

श्री प्रसाद ने अपनी शिकायत में बताया था कि सिलाव नगर पंचायत के तहत वार्ड नंबर 06 में सिलाव चौक से एनएच-82 बाईपास तक आरसीसी नाला ढक्कन सहित निर्माण कार्य और वार्ड नंबर 09 में राजेंद्र सिंह के घर से बकरी फार्म, शैलेंद्र सिंह के मुर्गा फार्म होते हुए छठ घाट तक पीसीसी ढलाई और ईट सोलिंग के कार्य में भारी अनियमितताएं हुई हैं।

श्री प्रसाद के अनुसार इन कार्यों में निम्न गुणवत्ता का सामान जैसे घटिया बालू और गिट्टी का उपयोग किया गया। साथ ही सोलिंग के नीचे बालू या डस्ट का उपयोग नहीं किया गया।

परिवादी ने जांच के लिए विस्तृत रिपोर्ट की मांग की थी। लेकिन नगर पंचायत ने न तो उनके आवेदन को स्वीकार किया और न ही कोई जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में 10 फोटो और स्थानीय समाचार पत्रों की कटिंग प्रस्तुत की। जिसमें निर्माण कार्यों में अनियमितताओं का उल्लेख था।

सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान परिवादी हर बार उपस्थित रहे और उन्होंने अपने आरोपों को साक्ष्यों के साथ पुष्ट किया। दूसरी ओर लोक प्राधिकार सह कार्यपालक पदाधिकारी ने न तो सुनवाई में हिस्सा लिया और न ही कोई स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

वहीं कार्यपालक पदाधिकारी ने अपने पत्र (पत्रांक 578, दिनांक 05.06.2025) में दावा किया कि निर्माण कार्यों में कोई अनियमितता नहीं हुई और कार्य की गुणवत्ता की जांच कार्यालयक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन बिहारशरीफ और सहायक अभियंता नगर विकास प्रमंडल-02 द्वारा की गई। हालांकि परिवादी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के जवाब में कोई ठोस खंडन नहीं किया गया।

सुनवाई के दौरान परिवादी ने यह भी उल्लेख किया कि निर्माण कार्य को जांच के बाद बंद कर दिया गया। लेकिन बाद में बिना सुधार के कार्य को मनमाने ढंग से पूरा कर लिया गया। परिवादी ने उच्च अधिकारियों से इस मामले की गहन जांच की मांग की। ताकि जनता के धन की बर्बादी को रोका जा सके और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित हो।

वार्ड नंबर 06 में सिलाव चौक से एनएच-82 बाईपास तक आरसीसी नाला ढक्कन का निर्माण कार्य निविदा सूचना संख्या 02/2023-24 के ग्रुप संख्या 01 के तहत आस्फा इंजीकॉन प्रा. लि. द्वारा किया गया। कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई और मापी पुस्तिका के आधार पर भुगतान किया गया। हालांकि परिवादी का कहना था कि इसमें निम्न गुणवत्ता का सामान उपयोग हुआ।

वार्ड नंबर 09 में कड़ाहडीह में राजेंद्र सिंह के घर से बकरी फार्म, शैलेंद्र सिंह के मुर्गा फार्म होते हुए छठ घाट तक पीसीसी पथ और ईट सोलिंग का कार्य निविदा सूचना संख्या 02/2023-24 के ग्रुप संख्या 04 के तहत हुआ। यह कार्य अभी प्रगति पर है और केवल ईट सोलिंग तक सीमित है। परिवादी ने आरोप लगाया कि कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ और सोलिंग के नीचे बालू या डस्ट नहीं डाला गया।

लोक शिकायत निवारण कार्यालय ने कुल नौ सुनवाई के अवसर प्रदान किए। लेकिन कार्यपालक पदाधिकारी ने कोई स्पष्ट प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया। परिवादी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों (फोटो, समाचार पत्र कटिंग और लिखित आवेदन) से अनियमितताएं स्पष्ट हुई। कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति और असहयोग को बिहार लोक शिकायत अधिकार अधिनियम-2015 के प्रति संवेदनहीनता और लापरवाही माना गया।

अंततः कार्यपालक पदाधिकारी पर 4000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और वाद की कार्रवाई को समाप्त कर दिया। इस आदेश की प्रति जिला पदाधिकारी नालंदा (द्वितीय अपीलीय प्राधिकार), जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी नालंदा और अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर को भेजी गई।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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