Fraud in Bihar Education Department: नालंदा में फिर पकड़े गए 12 फर्जी नियोजित शिक्षक, कार्रवाई के आदेश
नालंदा दर्पण डेस्क। Fraud in Bihar Education Department: बिहार में आयोजित प्रथम शिक्षक सक्षमता परीक्षा में शामिल हुए नियोजित शिक्षकों में नालंदा जिले के बारह शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए है। बिहार माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को उन सभी बारह चिन्हित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि प्रथम शिक्षक सक्षमता परीक्षा में जिले के लगभग 5266 नियोजित शिक्षकों के द्वारा ऑनलाइन आवेदन जमा कराया गया था। इनमें से बड़ी संख्या में शिक्षकों के बीटीईटी, एसटीईटी तथा सीटीईटी प्रमाण पत्रों में रौल नंबर से लेकर माता-पिता के नाम तथा प्रमाण पत्रों के क्रमांक एक समान पाए गए थे। इस आधार पर पूर्व में भी जिले के 45 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कमिटि के द्वारा दो चरणों में पहले भी कराई गई थी। इन पर भी फर्जी प्रमाण पत्रों पर नियोजित होने का आरोप लगा था।
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंप दी गई है। जांच कमिटि द्वारा बाद में अन्य कई ऐसे शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में काफी बारिक अंतर को देखते हुए राज्य के 81 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई।। इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का भौतिक रूप से शिक्षकों को उपस्थित होकर प्रमाण पत्रों की जांच कराने का निर्देश दिया गया था। इन शिक्षकों में भी फिर नालंदा जिला के 12 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों पर फर्जी होने की बात सामने आई है।
जांच कमिटि के द्वारा विगत 08 से 17 मई के बीच इन पत्रों की जांच की गई थी। जांच के बाद इनके प्रमाण पत्रों को संदेह के घेरे में रखा गया है। इस स्थिति में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के द्वारा पत्र जारी कर जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक बार फिर से संदेश के घेरे में आए सभी 12 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच सक्षम प्राधिकार के माध्यम से कराने के बाद उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
द्वितीय शिक्षक सक्षमता परीक्षा में 4400 शिक्षक होंगे शामिल: शिक्षा विभाग के द्वारा आयोजित की जाने वाली द्वितीय सक्षमता परीक्षा में भी जिले के लगभग 4400 नियोजित शिक्षकों के द्वारा ऑनलाइन आवेदन दिए गए हैं। 28 जुलाई को ही विभाग के द्वारा शिक्षक सक्षमता परीक्षा आयोजित की जाएगी। अब विभाग के इस नए निर्देश से एक बार फिर जिले के नियोजित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। इस दौरान भी भारी पैमाने पर फर्जी नियोजित शिक्षकों की कलई खुलना तय है।
ये हैं नए फर्जी नियोजित शिक्षकः शीला कुमारी- प्राथमिक विद्यालय सकरी, विनय कुमार- विवेकानंद मिडिल स्कूल राजगीर, मो बैजुल कमर कासमी- उत्क्रमित मध्य विद्यालय विजयपुरा, श्वेता रानी- उत्क्रमित मिडिल स्कूल गदनपुरा, नीतू कुमारी, मिडिल स्कूल छकौडी बिगहा, रीती कुमारी- नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चकदिलावर, राहुल कुमार- नवसृजित प्राथमिक विद्यालय इनायतपुर, पंकज कुमार- नवसृजित प्राथमिक विद्यालय जफरपुर, संतोष कुमार पासवान- प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर, बबीता कुमारी- प्राथमिक विद्यालय खदसरिया, नीतू कुमारी- प्राथमिक विद्यालय जोलनबिगहा, खुशबू कुमारी- प्राथमिक विद्यालय गंजपर, चंडी।
- Bihar Education Department:अब मध्याह्न भोजन योजना को लेकर कड़ी कार्रवाई का आदेश
- North Eastern Region Conference : केंद्र सरकार के समर्थ पोर्टल से जुड़ेंगे बिहार के विश्वविद्यालय
- E-Shiksha Kosh Portal: छात्रों का डाटा अपलोड नहीं करने पर नपेंगे 217 स्कूलों के हेडमास्टर
- ACS सिद्धार्थ के आदेश से बड़ी कार्रवाई, ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अटेंडेंस नहीं बनाने वाले शिक्षकों का वेतन बंद
- E-Shikshakosh Portal: नालंदा में रोज औसतन 5 हजार शिक्षकों का नहीं बन रहा अटेंडेंस, कटेगा वेतन





