बड़ी खुशखबरी: अब लाइलाज नहीं रहा कैंसर, दुनिया में आया MRNA वैक्सीन

पूरी दुनिया में कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। इस वैक्सीन के आने से न केवल मृत्यु दर में कमी आएगी, बल्कि यह गंभीर और महंगे कैंसर उपचार के बोझ को भी कम करेगी।  रूस की यह उपलब्धि चिकित्सा विज्ञान में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है। उम्मीद है कि जल्द ही यह वैक्सीन वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होगी और लाखों लोगों के जीवन को बचाएगी

नालंदा दर्पण डेस्क। चिकित्सा विज्ञान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए, रूस ने कैंसर के इलाज के लिए एक प्रभावी एमआरएनए (MRNA) वैक्सीन विकसित की है। इसे 21वीं सदी की सबसे बड़ी खोजों में से एक माना जा रहा है। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के निदेशक आंद्रेई कप्रीन ने इसकी घोषणा रेडियो रोसिया पर की। यह वैक्सीन 2025 की शुरुआत में लॉन्च की जाएगी और इसे रूस के नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा।

इस वैक्सीन को गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित किया गया है। जिसने पहले कोविड-19 के लिए स्पुतनिक-वी वैक्सीन बनाई थी। वर्ष 2025 तक यह वैक्सीन पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर उपलब्ध होगी। अभी सिर्फ रुस में मुफ्त लगाई जा रही है।

ट्यूमर के विकास को रोकना: यह वैक्सीन शरीर में कैंसर कोशिकाओं को पहचानने में सक्षम है।

प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाना: वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने के लिए सक्रिय करती है।

मेटास्टेसिस की रोकथाम: मेटास्टेसिस (कैंसर कोशिकाओं का शरीर के अन्य हिस्सों में फैलना) को रोकने में भी यह वैक्सीन प्रभावी होगी।

कैंसर की पुनरावृत्ति रोकना: यह टीका कैंसर की वापसी को रोकने में मदद करेगा और शुरुआती चरण के कैंसर को खत्म कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैक्सीन कैंसर उपचार में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगी। टीका न केवल शरीर में ट्यूमर के विकास को रोकेगा, बल्कि अन्य हिस्सों में कैंसर के फैलाव को भी नियंत्रित करेगा।

वहीं कैंसर के उपचार में अन्य देशों ने भी बड़े कदम उठाए हैं। ब्रिटेन ने जर्मनी की बायोएनटेक कंपनी के साथ व्यक्तिगत कैंसर उपचार (Personalized Cancer Treatment) के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं मॉडर्ना और मर्क जैसी कंपनियां त्वचा कैंसर (मेलेनोमा) के लिए वैक्सीन विकसित कर रही हैं।

गामालेया सेंटर के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग मानते हैं कि यह वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उन्हें नष्ट करने के लिए प्रेरित करती है। रिपोर्ट के मुताबिक यह वैक्सीन कैंसर के सभी प्रकारों के लिए कारगर हो सकती है। इस वैक्सीन का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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