व्यवसायी हत्याकांड के विरोध में हरनौत बाजार अनिश्चितकालीन बंद

हरनौत (नालंदा दर्पण)। पिछले सप्ताह थाना क्षेत्र के बीरमपुर गांव के पास एनएच-30 ए पर हुई थोक व्यापारी अशोक कुमार की हत्या के विरोध में स्थानीय हरनौत बाजार के सभी दुकानदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

Harnaut market closed indefinitely in protest against businessman murder 1इस दौरान पुलिस के द्वारा बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं करने को लेकर व्यवसायियों का कहना है कि जब तक घटना का खुलासा नहीं होता है, जब तक बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है, अनिश्चितकालीन के लिए हरनौत बाजार में सभी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों को बंद रखेंगे।

बता दें कि पिछले सप्ताह थाना क्षेत्र के बीरमपुर गांव के पास हरनौत सक्सोहरा मुख्य मार्ग एनएच- 30 ए पर देर शाम को अज्ञात बदमाशों ने व्यवसायिक अशोके कुमार को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद बदमाश भाग गए थे।

मृतक हरनौत बाजार में कई कंपनी का थोक बिक्रेता थे। वे भाड़ा का माल ढुलाई गाड़ी भी चलवाते थे। घटना से लोग काफी आक्रोशित हैं। स्थानीय व्यवसाय संघ एकजुट हो गया है। हरनौत बाजार में अलग-अलग दुकानदार अलग-अलग व्यवसाय संघ बनाए हुए हैं, जो अब एक प्लेटफार्म पर आकर इस आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्र सहित आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक हरनौत बाजार में प्रतिदिन करीब सवा करोड़ का व्यवसाय होता है। जो एकाएक ठप हो गया है। सब्जी विक्रेता के द्वारा कच्चा माल होने के कारण सांकेतिक रूप से हुए समर्थन में है। शुक्रवार से सब्जी बिक्रेता भी अपनी-अपनी दुकानों को बंद रखेंगे। जिससे और लोगों को परेशानी बढ़ जाएगी।

शुक्रवार को दुकान बंद का प्रभाव देखने को मिला। हालांकि जानकारी के अभाव में ग्रामीण लोग आते जाते रहे। उन्हें बिना खरीदारी के ही लौटना पड़ा।

इधर, व्यवसायी हत्या के विरोध में दुकानदारों ने ने बाजार में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान करीब पांच छह सौ से अधिक की संख्या में दुकानदार शामिल हुए। कैंडल मार्च बाजार के स्टेशन रोड, चंडी रोड, मेन रोड, बीच बाजार, डाक बंगला रोड आदि जगहों से होकर गुजरा।

व्यवसायियों ने बताया कि अशोक कुमार के हत्या के सप्ताह भर बीत जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा अपराधियों को नहीं खोजा जा सका है। सीएम का गृह प्रखंड होने के बावजूद भी विधि व्यवस्था चौपट है। बाजार में भी लोग दहशत की जिंदगी जीते हैं। साधारण व्यक्ति को छोड़ दें तो भी पत्रकार, दुकानदार, व्यवसाय कोई भी सुरक्षित नहीं है।

व्यवसायियों का आरोप है कि पुलिस गुंडे-मवालियों का ही साथ दे रहे हैं। आम लोग पुलिस के व्यवहार से दूर होते जा रहे हैं। पुलिस घटना को सिर्फ डिटेक्ट करती है, ना कि घटनाओं पर रोक लगाती है। जबकि पुलिस का मुख्य काम घटनाओं पर रोक लगाना है। जब तक अपराधी पकड़ा नहीं जाता है, चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन की जाएगी।

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