धरोहर
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बिहार का पहला पांडुलिपि क्लस्टर केंद्र बना नालंदा महाविहार
राजगीर (नालंदा दर्पण)। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने वाला नव नालंदा महाविहार एक बार फिर इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना ‘ज्ञान भारतम्’ के अंतर्गत इसे बिहार का पहला पांडुलिपि क्लस्टर केंद्र घोषित किया गया है।…
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श्रीकृष्ण लीला की लौ से प्रज्ज्वलित औंगारी धाम में स्थापित है भारत का अनोखा सूर्य मंदिर
औंगारी धाम (नालंदा दर्पण/मुकेश भारतीय)। कल्पना कीजिए द्वापर युग का वह क्षण, जब भगवान श्रीकृष्ण के सौम्य पौत्र शाम्ब अपनी अपार सुंदरता के कारण एक भूल का शिकार हो जाते हैं। गोपियों के बीच कृष्ण भगवान से मिलने पहुंचे शाम्ब को वे कृष्ण समझकर लीला में लीन कर लेती हैं। अचानक…
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हिलसा सूर्य मंदिर तालाब में सूर्य उपासना से जुड़े प्राचीन मान्यताएं और लोक कथाएं
हिलसा (नालंदा दर्पण)। बिहार की मिट्टी में बसी लोक आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक चार दिवसीय कार्तिक छठ महापर्व अब अपने पूरे वैभव के साथ शुरू हो चुका है। नालंदा जिले के हिलसा में स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर छठ घाट इस पर्व का केंद्र बिंदु बन गया है, जहां सूर्य देव…
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बिहार के इस ‘ताज’ की चमक वापसी की अनूठी पहल शुरु
पावापुरी (नालंदा दर्पण)। बिहार के पावापुरी में स्थित भगवान महावीर स्वामी का पवित्र जल मंदिर को ‘बिहार का ताज’ कहा जाता है। यह अब अपनी खोई हुई संगमरमरी चमक को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। यह ऐतिहासिक मंदिर सदियों से आस्था, संस्कृति और स्थापत्य कला का अनूठा संगम…
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नव नालंदा महाविहार ने दिल्ली में लगाई दुर्लभ पांडुलिपियों और बौद्ध विरासत की प्रदर्शनी
नालंदा दर्पण डेस्क। नव नालंदा महाविहार (एनएनएम) ने नई दिल्ली के प्रतिष्ठित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में आयोजित एक भव्य प्रदर्शनी में अपनी दुर्लभ पांडुलिपियों और बौद्ध साहित्य के अनमोल खजाने का प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शनी आईआईसी के वार्षिक उत्सव सा-वनिता का हिस्सा है और बौद्ध धर्म के प्राचीन ज्ञान…
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बिम्बिसार का रहस्यमय किला: राजगीर वादियों में दफन एक अनसुलझी पहेली
विशेष संवाददाता, राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के नालंदा जिले में बसा राजगीर शहर, जो कभी प्राचीन मगध साम्राज्य की शानदार राजधानी ‘राजगृह’ के नाम से जाना जाता था, वह आज भी इतिहास के पन्नों को जीवंत करने वाले अवशेषों से भरा पड़ा है। यहां के घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के…
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अब राजगीर ब्रह्मकुंड परिसर का 49.87 करोड़ से होगा आधुनिकीकरण
राजगीर (नालंदा दर्पण)। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के प्रख्यात तीर्थस्थल राजगीर ब्रह्मकुंड परिसर का स्वरूप जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने इस पवित्र स्थल के समग्र विकास के लिए 49 करोड़ 87 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना का मुख्य…
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राजगीर मेला सैरात की जमीन पर ऐसे कार्य होना दुर्भाग्य
राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर के ऐतिहासिक मलमास मेला सैरात की जमीन पर अब नगर परिषद द्वारा शुरू किया गया फव्वारा निर्माण कार्य विवादों के घेरे में है। यह निर्माण अजातशत्रु स्तूप के निकट बस स्टैंड और बाजार को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के बीच में हो रहा है। पुरातत्व विभाग ने…
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गिद्धि और पुष्पकरणी जैसी धरोहर को बचाने की नई मुहिम, 45 आर्द्रभूमि चिह्नित
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा की धरती ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के लिए विश्व प्रसिद्ध है। अब यहां प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करने की दिशा में एक नया कदम उठा रही है। इस जिले में 45 आर्द्रभूमियों को चिह्नित किया गया है। इनमें गिद्धि और पुष्पकरणी जैसी झीलें और तालाब पर्यावरणीय…









