धरोहर
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Heritage: भारत और भूटान मैत्री का नया अध्याय है भूटान बौद्ध मंदिर
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भगवान बुद्ध की तपोभूमि राजगीर एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपनी जगह बनाने जा रहा है। यह पावन धरोहर (Heritage) भूमि भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक एकता के नए प्रतीक का साक्षी बनेगी। राजगीर के प्रसिद्ध वेणुवन विहार (जापानी बौद्ध मंदिर)…
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इस्लामपुर में अतिक्रमण से मुहाने नदी का वजूद खत्म, बना बदबूदार नाला
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर परिषद के अंतर्गत पटना रोड पर स्थित मुहाने नदी अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है, जिसके कारण यह ऐतिहासिक नदी धीरे-धीरे संकीर्ण होकर नाले का रूप ले रही है। अतिक्रमणकारियों की बढ़ती गतिविधियों ने नदी के मूल स्वरूप को नष्ट करने की कगार पर ला…
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अजातशत्रु स्तूप संरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण, ASI ने EO पर कराया FIR दर्ज
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारत सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक अजातशत्रु स्तूप के निकट नगर परिषद राजगीर द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य शुरू कराए जाने का मामला सामने आया है। इस गंभीर उल्लंघन के खिलाफ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण सहायक विक्रम कुमार झा ने राजगीर थाना में नगर परिषद…
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चंडी बापू हाईस्कूल खेल मैदान: गौरवशाली अतीत से उपेक्षा की दर्दनाक वर्तमान तक
चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के चंडी क्षेत्र की हृदयस्थली में स्थित यह खेल मैदान आज उदास और हताश खड़ा है। डेढ़ सौ वर्ष पुराना यह मैदान कभी बच्चों की किलकारियों, युवाओं की हंसी-ठिठोली और खेल की धमक से गुलजार रहता था। लेकिन अब यह राजनीति की साजिशों, अतिक्रमण और उपेक्षा…
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भारतीय परंपरा का पुनर्जागरण है नालंदा विश्वविद्यालय में ज्ञान दण्ड की स्थापना
राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज आडिटोरियम में एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें ‘ज्ञान दण्ड’ की स्थापना की गई। यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा की निरंतरता और उसके संवर्धन का प्रतीक मानी जा रही है। नालंदा विश्वविद्यालय, जो प्राचीन काल से ही शिक्षा,…
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आखिर राजगीर का नाम बदलने के लिए क्यों बैचैन हैं बुद्धिजीवी?
राजगीर (नालंदा दर्पण)। नाम में क्या रखा है? शेक्सपियर का यह मशहूर डायलॉग भले ही रोमांटिक संदर्भ में कहा गया हो, लेकिन राजगीर के बुद्धिजीवियों और संस्कृति प्रेमियों के लिए नाम में ही उनकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक गौरव और पहचान का सार छिपा है। शायद यही वजह है कि वे राजगीर…
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अनमोल साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर का संगम है गिरियक
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिला बिहार का एक ऐसा क्षेत्र है, जो अपनी प्राचीनता सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्वविख्यात है। इस जिले का गिरियक गांव न केवल पुरातात्विक अवशेषों और बौद्ध धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह साहित्य, संस्कृति और इतिहास के संगम का एक जीवंत उदाहरण…
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Historical heritage: इस्लामपुर दिल्ली दरबार की पुकार, मुझे बचा लो सरकार
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के इस्लामपुर नगर में स्थित ऐतिहासिक (Historical heritage) दिल्ली दरबार कभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, आज उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। बौलीबाग के समीप अवस्थित यह स्मारक अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता था, लेकिन समय के साथ इसकी…
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हिलसा शहीद स्मारक: अगस्त क्रांति 1942 के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि
हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा शहीद स्मारक स्थल उन 11 अमर वीर सपूतों की गौरवगाथा का साक्षी है, जिन्होंने 1942 में महात्मा गांधी के आह्वान पर भारत माता को अंग्रेजी गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। अगस्त क्रांति, जिसे भारत छोड़ो आंदोलन के नाम से…
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CRPF प्रशिक्षण केंद्र की तिरंगा रैली से उमड़ा देशभक्ति का जज्बा
राजगीर (नालंदा दर्पण)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भारत सरकार के निर्देश पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) प्रशिक्षण केंद्र राजगीर द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत एक भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। यह रैली न केवल देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित…









