जमीन विवाद: हत्या में शामिल दो महिलाओं समेत चार लोगों को उम्रकैद

हिलसा (नालंदा दर्पण)। जमीन विवाद को लेकर हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में न्याय ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार पाण्डेय की अदालत ने दो महिलाओं समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में सभी को 10-10 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
प्रभारी अपर लोक अभियोजक राजाराम सिंह के अनुसार यह मामला हिलसा थाना कांड संख्या 255/22 से संबंधित सत्रवाद संख्या 585/22 का है। अदालत ने पकड़िया बिगहा गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद, संगीता देवी, कुंती देवी तथा मानपुरवा गांव निवासी रमेश प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149 और 302 के तहत दोषी करार दिया है। इसके अतिरिक्त सुरेंद्र प्रसाद को आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाया गया।
जमीन विवाद ने ली थी एक जान
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ था। 13 अप्रैल 2022 को सभी आरोपी हथियारों से लैस होकर पकड़िया बिगहा गांव निवासी स्वर्गीय बहादुर प्रसाद के घर पहुंचे और उसे चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने रोड़े-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। जब बहादुर प्रसाद ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दो नाली बंदूक से फायरिंग कर दी। गोली उनके मुंह और छाती में लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के पुत्र वीरेंद्र प्रसाद ने हिलसा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को प्रमाणित किया।
आर्म्स एक्ट में अतिरिक्त सजा
अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद चारों दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं सुरेंद्र प्रसाद को आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की अतिरिक्त सजा भी दी गई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उन्हें दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
समाचार स्रोत: नालंदा दर्पण डेस्क के लिए हिलसा से राजेश कुमार की रिपोर्ट





