यहां 140 स्कूलों में खुलेंगे इंटीग्रेटेड साइंस एंड मैथ लैब

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के 140 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों सहित बिहार राज्य के 4621 स्कूलों में इंटीग्रेटेड साइंस एंड मैथ लैब (आईएसएम लैब) की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को विज्ञान और गणित विषयों को व्यावहारिक रूप से सीखने का अवसर प्रदान करना है। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि प्रयोगों के जरिए नवाचार और वैज्ञानिक सोच को भी विकसित कर सकेंगे।

आईएसएम लैब में विज्ञान, गणित और स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह सुविधा सरकारी स्कूलों में पहले उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण छात्रों को ज्यादातर किताबी ज्ञान तक ही सीमित रहना पड़ता था।

अब इन लैब्स में 50 से अधिक प्रकार के उपकरण उपलब्ध होंगे, जिनमें विज्ञान के 46, गणित के 29 और स्टेम के 8 उपकरण शामिल हैं। ये उपकरण छात्रों की रुचि बढ़ाने और उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राज कुमार ने बताया कि इन लैब्स का मुख्य उद्देश्य विज्ञान और गणित की शिक्षा को अधिक रोचक, व्यावहारिक और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाना है।

उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को बढ़ावा देगी। डीपीओ समग्र शिक्षा के अनुसार, सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लैब में उपयोग होने वाली सामग्रियों की स्थापना और संचालन के लिए पूरी तैयारी करें।

आईएसएम लैब के निर्माण के लिए तीन एजेंसियों रेलटेल, टीसीआईएल और यूनिकॉप्स का चयन किया गया है। नालंदा जिले में लैब स्थापना का कार्य रेलटेल को सौंपा गया है। इन एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द स्कूलों में लैब स्थापित करें। मो. शाहनवाज ने बताया कि स्कूलों को उपकरणों के उपयोग और रखरखाव के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि छात्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।

डीईओ राज कुमार ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के चयनित स्कूलों में लैब स्थापना कार्य की नियमित निगरानी करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत जिला स्तर पर सूचना दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आईएसएम लैब के माध्यम से छात्र न केवल विज्ञान और गणित के सिद्धांतों को गहराई से समझ सकेंगे, बल्कि वे स्टेम से संबंधित गतिविधियों में भी भाग ले सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी होगी जो संसाधनों के अभाव में व्यावहारिक शिक्षा से वंचित रह जाते थे।

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