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मंत्री के सामने साइबर-शराब माफिया को सम्मानित करने को लेकर भीड़े जदयू कार्यकर्ता!

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ नगर अवस्थित सोगरा स्कूल परिसर में आयोजित जदयू का कार्यकर्ता आभार समारोह सह सदस्यता अभियान हंगामे की भेंट चढ़ गई। समारोह में कार्यकर्ताओं ने अस्थावां विधायक डॉ जितेंद्र कुमार पर साइबर माफिया तथा दारू माफिया को सम्मानित करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

कई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप दिए गए गमछे को लौटा कर वापस घर चले गए। यह हंगामा पार्टी के वरिष्ठ नेता व समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी के समक्ष हुआ। पार्टी के द्वारा विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी सफलता मिलने पर हर जिले में कार्यकर्ता आभार समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत सोगरा स्कूल में पार्टी के द्वारा समारोह का आयोजन किया गया था। जिसमें पूरे जिले के जदयू कार्यकर्ताओं ने बढ़- चढ़कर भाग लिया था। यहां कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की भी व्यवस्था थी। लेकिन नाराज कार्यकर्ता बिना भोजन किये वापस लौट गए।

कार्यक्रम के दौरान ही समीक्षा बैठक हो रही थी। इसी के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। समारोह में समाज कल्याण मंत्री मदन साहनी के अलावा सांसद, विधायक एवं पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने पक्षपात का आरोप लगाकर यह हंगामा किया।

कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकर्ताओं के सम्मान से की गई। पहले मंच से कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके बाद नीचे कुर्सियों पर बैठे अन्य कार्यकर्ताओं को सम्मान दिए जाने लगे। इसी क्रम में अचानक असंतोष फैल गया और कई कार्यकर्ता भड़क उठे।

उनका आरोप था कि सम्मान देने में खुले तौर पर भेदभाव किया गया। किसी को शॉल तो किसी को केवल गमछा देकर औपचारिकता निभाई जा रही है। जबकि कई वरिष्ठ और लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं को तो न मंच पर स्थान मिला और न ही सम्मान दिया गया।

आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष मो. अरशद और अस्थावां विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार समेत अन्य नेताओं पर पक्षपात का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि जिन लोगों ने वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत की, उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को ही प्राथमिकता दी गई।

इसको लेकर माहौल गरमाता चला गया और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के दौरान कई कार्यकर्ताओं ने सम्मान में मिले गमछे लौटाते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध जताया तो उन्हें चुप कराने के लिए दबाव बनाया गया।

कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि विधायक द्वारा बुलाए गए असामाजिक तत्वों के जरिए कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कराने की कोशिश की गई। बल्कि कई कार्यकर्ताओं ने तो समारोह में साइबर माफिया तथा दारू माफिया को सम्मानित करने का भी आरोप लगाया।

कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन नाराज कार्यकर्ता शांत होने को तैयार नहीं थे। देखते ही देखते पूरा कार्यक्रम अव्यवस्था का शिकार हो गया।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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