एक साल पूर्व हुई सनसनीखेज प्रेमी हत्याकांड के दोषी किशोर को जेजेबी ने दी 3 साल की सज़ा

नालंदा दर्पण डेस्क। जिला किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेन्द्र मिश्र ने सारे थाना से जुड़े हत्या के एक मामले में दोषी किशोर को तीन साल की सजा सुनायी है। किशोर को सुनियोजित तरीके से परिजनों के साथ मिलकर अपनी बहन के प्रेमी की हत्या करने का दोषी करार दिया गया था।

तय सजा के अनुसार किशोर को धारा 302 में तीन साल, धारा 201 में 3 साल और धारा 120 बी में तीन साल की सजा सुनायी गयी है। तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, किशोर द्वारा पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में बितायी गयी अवधि को सुनायी गयी सजा में समायोजित करने का भी आदेश दिया गया है।

अदालत ने ने दोषी किशोर को पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक को अविलंब स्पेशल होम पटना स्थानांतरित करने का निर्देश देते हुए वहाँ के अधीक्षक को आवासित अवधि में किशोर की पढ़ाई, कौशल विकास, नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था तथा प्रत्येक छह माह पर किशोर में हो रहे गुणात्मक सुधार की जानकारी जेजेबी को देने का आदेश दिया है।

खबरों के मुताबिक यह मामला सारे थाने क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। जहाँ किशोर ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर अपनी बहन के प्रेमी की नृशंस हत्या कर दी थी। उस वारदात के समय किशोर की उम्र करीब 15 वर्ष थी।

बचाव पक्ष के तमाम दलीलों को नकारते हुए जेजेबी ने साक्ष्यों के आधार पर यह मानते हुए सजा सुनायी है कि घटना के समय किशोर शारीरिक और मानसिक रूप से पूर्ण सुदृढ़ था और उसे अपने द्वारा किये जा रहे अपराध की प्रकृति और परिणाम की जानकारी थी।

अपराध करने का तरीका, मृतक को बुलाकर लाना, मारकर शव को कुआं में फेंकना और शव को छुपाना, अपराध में प्रयोग किये गये वस्तुओं को छिपाना, दीवार में लगे खून के धब्बे को साफ करना जैसी गतिविधियों में शामिल होने के कारण जेजेबी ने किशोर को पूरी जानकारी में अपराध करने में सक्षम माना।

यह था पूरा मामलाः  मृतक का प्रेम प्रसंग पढ़ाई के समय से गांव की ही एक लड़की के साथ था। लड़की के घरवालों को यह पसंद नहीं था। लड़की के पिता ने दो माह पूर्व भी इस मामले के सूचक व मृतक के पिता के घर पर आकर धमकी दी थी कि वह उसकी पुत्री से मिला तो जान मार देगा।

घटना के दिन 6 दिसम्बर 20 को लड़की का भाई उसे घर से बुलाकर ले गया था। सुबह तक घर नहीं आया। लड़की के भाई से भी पूछताछ की गयी तो उसने बताया कि रात को उनका बेटा घर आया था, लेकिन उसी समय चला गया। मोबाइल भी ऑफ बता रहा था। फिर उसके घर पूछने गये तो किसी ने कुछ नहीं बताया।

इसी दौरान कुछ लोगों ने घर के अंदर एवं दरवाजे के बाहर रोड पर खून का कुछ बूंद गिरा हुआ देखा। मृतक के पिता मुताबिक जब वह खून के बूंद देखकर आगे बढ़े तो मां महामाया उत्तर बिचली बगीचा कुआं के पास तक खून गिरा हुआ था।

पुलिस की उपस्थिति में कुएं में तलाशी लेने पर बोरे में बंद शव मिला। सजा सुनाने में लास्ट सीन थ्योरी भी एक आधार बना। लड़की ने अपने परिवार वालों से अपनी हत्या की आशंका जाहिर की। जिसके कारण वह स्वेच्छा से उत्तर रक्षा गृह में रह रही है।

लड़की ने अदालत को बताया था कि उसके परिवार वाले जब यह जानेंगे कि उसने न्यायालय में सच बता दिया है, तो वे लोग उसकी भी हत्या कर देंगे। इसीलिए उसने स्वेच्छा से उत्तर रक्षा गृह में रहना स्वीकार किया।

जेजेबी में विधि विरूद्ध किशोर की बहन ने 164 के तहत दिये गये बयान में अपने सामने माता-पता और भाई द्वारा प्रेमी की हत्या किये जाने की बात कही। उसने कहा कि पिछले तीन-चार सालों से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था।

यह रिश्ता उसके परिवार वालों को पसंद नहीं था। जिस दिन घटना हुई, रात्रि में मृतक उसके घर आया था। दोनों बातचीत कर रहे थे, तभी मम्मी-पापा और दोनों भाई कमरे में घुस गये और प्रेमी के साथ मारपीट करने लगे। उसने बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसी ने नहीं सुना।

कमरे से बाहर भागकर लोगों को बुलाना चाहती थी, लेकिन दादा ने मेन गेट के पास पकड़ लिया और उसके साथ भी मारपीट की।

उसने कहा कि उसके पिता और बड़ा भाई ने मृतक के गले में रस्सी डालकर अपनी ओर खींचा। जबकि छोटा भाई लकड़ी से सिर पर मार रहा था। मां ने बाहर से दरवाजा की कुंडी लगा दी।

इसके बाद बोरे में डालकर उसे कुआं में डालने चले गये। इसी बीच दादा लौट आये और मां के साथ मिलकर गिरा हुआ खून साफ करने लगे। दादा ने कुदाल से खून सनी मिट्‌टी को काटकर हटाया।

 

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