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जानें साल 2025 में कितना बदला राजगीर, वर्ष 2026 में क्या है उम्मीदें

नालंदा दर्पण डेस्क। पर्यटन, खेल, संस्कृति और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलावों के साथ वर्ष 2026 राजगीर के लिए स्वर्णिम काल सिद्ध होने वाला है। वर्ष 2025 से 2026 तक का यह दौर राजगीर को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला माना जा रहा है। यहां विकास की अनेक योजनाएं एक साथ धरातल पर उतरती दिखेंगी।Learn how much Rajgir has changed in 2025 and what the expectations are for 2026 1

चालू वर्ष में राजगीर के अत्याधुनिक स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में कई अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रांतीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया है। इससे यह नगर खेलों के वैश्विक मानचित्र पर तेजी से उभरा है।

इसी कड़ी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को खिलाड़ियों को समर्पित किया जाना राजगीर के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रेलवे ओवर ब्रिज भी इसी साल आम आवाम के लिए खोल दिया गया है। इससे रेलवे गुमटी पर फाटक बंद के दौरान होने वाली समस्या से सदा के लिए छुटकारा हो गयी है।

इतिहास और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। जरासंध स्मारक का लोकार्पण कर प्राचीन मगध की गौरवशाली गाथाओं को पुनर्जीवित किया गया है। इससे राजगीर की ऐतिहासिक पहचान और अधिक सशक्त हुई है।Learn how much Rajgir has changed in 2025 and what the expectations are for 2026 3

नववर्ष 2026 में पर्यटक शहर राजगीर में एक साथ दो फाइव स्टार होटलों के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे।

इसी क्रम में राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं से युक्त आधुनिक बस टर्मिनल के निर्माण की योजना है। उसके ठीक बगल में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का निर्माण भी प्रस्तावित है। बस टर्मिनल बनने से न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि प्रशासनिक सुविधाएं और न्याय भी आम नागरिकों के लिए सुलभ होगी।

खेल और पर्यटन को और गति देने के लिए स्टेट हाईवे 71 रेलवे ओवर ब्रिज से विश्वविद्यालय बाईपास, राजगीर स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स तथा इंडो होक्के होटल से नेशनल हाईवे-82 वीरायतन मोड़ तक फोरलेन सड़क निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू होना तय है।Learn how much Rajgir has changed in 2025 and what the expectations are for 2026 4

नूरसराय-नालंदा-बेलौआ-राजगीर बुद्ध सर्किट फोरलेन सड़क परियोजना राजगीर की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। बिहार फिल्म सिटी के जमीन का अधिग्रहण बाद चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को लेकर भी उम्मीदें प्रबल हैं। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और निर्माण से जुड़े अंतिम निर्णय 12026 तक लिए जाने की संभावना है। हवाई अड्डे के निर्माण से राजगीर और नालंदा क्षेत्र सीधे वैश्विक पर्यटन और निवेश से जुड़ जाएगा।

वर्ष 2026 में ही पर्यटक शहर राजगीर में डायनासोर पार्क का निर्माण, लेजर शो और लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत भी होनी है। यह बच्चों से लेकर युवाओं और देशी-विदेशी पर्यटकों तक के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे।Learn how much Rajgir has changed in 2025 and what the expectations are for 2026 5

वर्षों से बंद सिंगल आकाशीय रज्जू मार्ग (रोपवे) को भी फिर से चालू किया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। वर्ष 2026 में नालंदा एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करने जा रहा है।

भारत-चीन सांस्कृतिक मैत्री के प्रतीक ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल परिसर के नवनिर्मित भवन में चीनी यात्री ह्वेनसांग का पवित्र अस्थि कलश स्थापित किया जाएगा। यह अस्थि कलश पटना संग्रहालय से लाकर नालंदा में स्थापित होगा।Learn how much Rajgir has changed in 2025 and what the expectations are for 2026 2

इस अस्थि कलश को चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री चाउ एन लाई के प्रतिनिधि के रूप में परम पूज्य दलाई लामा द्वारा नालंदा लाया गया था, जिसे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने नव नालंदा महाविहार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में प्राप्त किया था।

सुरक्षा कारणों से इसे अबतक पटना संग्रहालय में रखा गया था। अस्थि कलश की स्थापना के बाद नालंदा भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बौद्ध जगत का अद्वितीय प्रमुख दर्शनीय स्थल बन जाएगा। इससे राजगीर-नालंदा क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।

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