सोनम की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। सोनम ने एक सप्ताह पहले घर आने पर बताया था कि कॉलेज (Nalanda Engineering College) की दो छात्राएं उसे लगातार तंग करती थीं और मारपीट तक की थी। इन छात्राओं ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी..
चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज (Nalanda Engineering College) चंडी में एक दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मुंगेर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला निवासी मनोरंजन कुमार उर्फ भोला मंडल की पुत्री सोनम कुमारी की रहस्यमयी मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। सोनम का शव जैसे ही गांव पहुंचा, कोहराम मच गया।
परिजनों और ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल, वार्डन और एक प्रोफेसर के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिसने इस घटना को और भी गंभीर बना दिया है।
सोनम कुमारी, जो नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में चार वर्षीय इंजीनियरिंग कोर्स की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, उसकी मौत बुधवार रात को कॉलेज परिसर में हुई। कॉलेज प्रशासन ने परिजनों को रात 9 बजे सूचित किया कि सोनम छत से गिर गई है और उसकी हालत गंभीर है। परिजनों का कहना है कि जब वे कॉलेज पहुंचे, तब तक सोनम की मृत्यु हो चुकी थी।
सोनम के पिता भोला मंडल और माता सविता देवी का कहना है कि उनकी बेटी की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। सोनम ने एक सप्ताह पहले घर आने पर बताया था कि कॉलेज की दो छात्राएं उसे लगातार तंग करती थीं और मारपीट तक की थी। इतना ही नहीं इन छात्राओं ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
इसकी शिकायत सोनम ने कॉलेज के प्रिंसिपल से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि बुधवार रात 8 बजे तक सोनम से उनकी बात हुई थी और वह सामान्य थी। मात्र एक घंटे बाद कॉलेज से उनकी मृत्यु की सूचना मिली, जो संदेहास्पद है।
सोनम के पिता भोला मंडल ने बताया कि उनकी बेटी 12 सितंबर को घर आई थी और 15 सितंबर को कॉलेज लौट गई थी, ताकि 80 प्रतिशत उपस्थिति पूरी कर सके। उन्होंने कहा, “हमारी बेटी मेहनती और होनहार थी। वह इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षा पास कर इस कॉलेज में दाखिला लिया था। हमें यकीन नहीं कि वह छत से गिरी। यह हत्या का मामला है।
सोनम अपने माता-पिता की तीन भाइयों में सबसे बड़ी इकलौती बहन थी और उसकी मौत ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। गांव में शव पहुंचने पर सैकड़ों लोग एकत्र हुए और इस घटना के खिलाफ आक्रोश जताया। ग्रामीणों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता इस त्रासदी का कारण बनी।
इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए नालंदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की है। मृतका के पिता के फर्द बयान के आधार पर स्थानीय थाने में कॉलेज के प्रिंसिपल, वार्डन और एक प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वैज्ञानिक अनुसंधान (FSL) की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और डॉग स्क्वायड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
पुलिस का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने इस घटना के बाद हिंसक गतिविधियों की कोशिश की थी, जिनकी पहचान कर उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कॉलेज परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में शांति कायम है।
सोनम कुमारी ने कड़ी मेहनत और लगन से इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षा पास की थी और नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। चार वर्षीय कोर्स के दो वर्ष पूरे करने के बाद वह अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही थी। लेकिन इस दुखद घटना ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव की उम्मीदों को तोड़ दिया।
अब इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कॉलेज प्रशासन ने सोनम की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या कॉलेज परिसर में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं? परिजनों के गंभीर आरोपों के बीच पुलिस जांच से क्या सच सामने आएगा?

सोनम की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। सोनम ने एक सप्ताह पहले घर आने पर बताया था कि कॉलेज (Nalanda Engineering College) की दो छात्राएं उसे लगातार तंग करती थीं और मारपीट तक की थी। इन छात्राओं ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी..






