Negligence: राजगीर में गंगाजल का उपयोग कम और बर्बादी अधिक, प्रशासन अंधा

राजगीर (नालंदा दर्पण)। Negligence: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राजगीर के लोगों को पीने के लिए गंगाजल उपलब्ध कराया गया है। लेकिन यहां के लोग जितना गंगाजल पीते हैं, उससे अधिक बर्बाद हो रहा है। विभागीय पदाधिकारियों की अकर्मण्यता के बीच इसके लिए आमलोगों से लेकर खास लोग भी जिम्मेदार कम नहीं है।

विभागीय पदाधिकारियों की लापरवाही से लाखों लीटर गंगाजल की हर दिन बर्बादी हो रही है। इसका नमूना शहर के वीरायतन जाने वाली मुख्य सड़क में सरस्वती नदी पुल पर देखी जा सकती है। मोटे पाइप से गंगाजल जापानी मंदिर संप में ले जाया गया है। लेकिन सरस्वती नदी पुल पर लीकेज होने से गंगाजल की बर्बादी बड़े पैमाने पर हो रही है। यहां धारा मारकर गंगाजल मुख्य पाइप से गिर रहा है।

वीरायतन रोड राजगीर शहर के व्यस्त सड़कों में एक है। इस पथ में नगर परिषद का कार्यालय है। नगर परिषद के पदाधिकारी, कर्मी और वार्ड पार्षद से लेकर अन्य विभागों के पदाधिकारी दिन भर में दर्जनों बार आते जाते हैं। लेकिन इस गंगाजल की बर्बादी पर किसी की नजर नहीं जाती है।

लोगों की माने तो इस जगह पर कई दिनों से गंगाजल के लाखों लीटर के बर्बादी हो रही है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में प्रशासनिक पदाधिकारी, पीएचइडी के पदाधिकारी और नगर परिषद के पदाधिकारी को सूचना दी गई है। लेकिन उनके तरफ से अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है, जिसके कारण लाखों लीटर गंगाजल की बर्बादी हर दिन हो रही है।

लोगों का मानना है कि पदाधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही से शहर के लाखों लीटर गंगाजल की हो रही बर्बादी पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। विभागीय पदाधिकारियों व कर्मियों की अकर्मण्यता व लापरवाह से गंगाजल की बर्बादी पर रोक नहीं लग रही है।

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