नालंदाहिलसा

ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर कार्यक्रम का आयोजन, हाथों की सफाई जरुरी

इसलामपुर (नालंदा दर्पण)। इसलामपुर प्रखंड के कोचरा कम्युनिटी हॉल में शनिवार को ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पीएलवी आलोक कुमार ने बताया कि ग्लोबल हैंड वाशिंग पार्टनरशिप के द्वारा स्टॉक होम स्वीडन में 15 अक्टूबर 2008 को पहला वैश्विक हाथ धोने का डे मनाया गया था। तब से यह वल्ड डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य हाथों को स्वच्छ रखकर विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचना है।

कोरोना काल में हाथ धोने को लेकर लोगों को काफी जागरूक किया गया था। बच्चो में सबसे अधिक संक्रमण अस्वच्छ हाथों से ही फैलता है। स्वस्थ्य रहने के लिए स्वच्छता जरुरी है। अधिकांश बीमारियो का संक्रमण हाथों से फैलता है। हाथों की स्वच्छता के प्रति सजग रहना चाहिए। हाथों को ठीक तरह से नहीं धोने पर वायरस या वैक्टिरिया के सम्पर्क में आकर बीमार पड़ सकते है।

हाथों की सफाई रहने से कोरोना वायरस के अलावा पेट मे कीड़े होना, हेपटाइटिस, फूड प्याजनिंग, हाथ मुह और पैरो से जुड़ी, फेफड़ों से जुड़ी, आदि वीमारिया होने से रोका जा सकता है। शौच करने के बाद, खाना बनाने से पहले, खाना खाने के बाद, छींकने और खासने के बाद, खुजली करने के बाद, पालतु जानवरों को छूने के बाद, इंफेक्शन के शिकार या वीमार इंसान को छूने के बाद, कचरा साफ करने के बाद, हाथ धोना जरूरी है।

हाथ धोने का तरीका ठंडे या गुनगुने साफ पानी से हाथो को गीला कर सावुन या लिक्विड लेकर 20 सेकेंड तक हाथो को रगड़कर झाग बनाएं। और उंगलियों से कलाइया तक हाथ धोकर तौलिया का मदद ले। ताकि हाथो की सफाई से अनेको प्रकार की होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »
The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future