Wednesday, February 11, 2026
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    राजगीर स्टेशन पर पानी को तरसे देश-विदेश के पर्यटक यात्री

    नालंदा दर्पण डेस्क। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक शहर राजगीर अवस्थित रेलवे स्टेशन इन दिनों पानी के लिए पानी-पानी हो रहा है। यहां पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग पानी के लिए बोतल और अन्य बर्तन लेकर इधर उधर दौड़ते भागते नजर आ रहे हैं।

    यहां देश-दुनिया के केवल रेलवे यात्री ही नहीं, बल्कि रेलवे कर्मी भी पानी के लिए पानी-पानी हो रहे हैं। वहीं प्लेटफार्म पर बंद बोतल पानी बेचने वालों की चांदी है।

    हालांकि रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर कई जगह नल पानी आपूर्ति हेतु स्टैंड पोस्ट लगाए गए हैं। परंतु इन नलों से एक भी बूंद पानी नहीं टपक रहा है।

    रेलवे कर्मी बताते हैं कि पांच दिनों से इस स्टेशन पर जलापूर्ति ठप है। इस भीषण गर्मी में भी समस्या समाधान के लिए कहीं से कोई पहल नहीं की जा रही है। पीने के पानी के लिए लोगों को जेब ढिली करनी पड़ रही है। मजबूरी में लोगों को पानी का बोतल खरीदना पड़ रहा है।

    रेलवे कर्मी पीने के लिए पानी घर से लाने के लिए मजबूर हैं। जबकि प्लेटफार्म पर ठंडा पानी के लिए वाटर कूलर लगा हुआ है। लेकिन पानी के अभाव में वाटर कूलर भी शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है।

    यही नहीं, स्टेशन पर व्याप्त जल संकट के कारण प्लेटफार्म और ट्रेन की सफाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है। जलापूर्ति ठप रहने के कारण प्रतीक्षालय का बाथरूम भी दुर्गंध देने लगा है।

    इस भीषण गर्मी में हाथ मुंह धोने की बात तो दूर पीने के लिए स्टेशन पर पानी उपलब्ध नहीं है। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था नहीं रहने से रेल यात्रियों सहित रेलवे कर्मचारी भी परेशान हैं। पीने के पानी सहित बाथरूम तक में जलापूर्ति ठप है।

    उधर, रेलवे स्टेशन के आरपीएफ बैरक में भी पिछले चार-पांच दिनों से जलापूर्ति ठप है। बाथरूम जाने के लिए भी पानी का बोतल खरीदना पड़ रहा है। जलापूर्ति ठप होने के कारण आरपीएफ जवानों को मजबूरी में ओडीएफ की धज्जियां उड़ानी पड़ रही है। वे खुले में शौच के लिए विवश है। वाशिंग पीट लाइन जाकर जवान स्नान करने के लिए जाने को मजबूर हैं।

    इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक चंद्रभूषण सिन्हा का कहना है कि राजगीर रेलवे स्टेशन पर वाटर सप्लाई के लिए किया गया बोरिंग का वाटर लेवल काफी नीचे चला गया है। पाइप छोटा होने के कारण जलापूर्ति नहीं हो रही है। पाइप जोड़कर जलापूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। कतिपय कारणों से दो बार मोटर जल गया है। उसे रिपेयर कर बदलने का काम किया जा रहा है।

    फिलहाल दूसरे बोरिंग से कनेक्शन कर स्टेशन पर जलापूर्ति कराने का प्रयास जारी है। स्टेशन परिसर में वाटर सप्लाई के लिए एक और बोरिंग करने की मांग मलमास मेला के पहले रेल मंडल से किया गया था, परंतु अबतक दूसरा बोरिंग नहीं किया जा सका है।

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    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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