Railway Claim Scam: इस्लामपुर में JDU नेता के घर ED का छापा, 100 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा

रेलवे क्लेम घोटाला (Railway Claim Scam) बिहार के हालिया घोटालों में सबसे बड़ा हेराफेरी बताया जा रहा है। ईडी की कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों को उजागर कर सकती है…

हिलसा (नालंदा दर्पण)। बिहार में रेलवे क्लेम घोटाले (Railway Claim Scam) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस बार ईडी की टीम ने नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरा गांव में जेडीयू जिला उपाध्यक्ष परमानंद सिन्हा उर्फ सुमन पटेल के घर पर छापा मारा है। इस छापेमारी के दौरान 100 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े कई अहम दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए हैं।

आज सुबह करीब 5 बजे, ईडी की 12 सदस्यीय टीम दो गाड़ियों में सवार होकर परमानंद सिन्हा के आवास पर पहुंची। टीम ने लगभग 10 घंटे तक घर में जांच-पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

परमानंद सिन्हा जदयू के जिला उपाध्यक्ष हैं और उनकी पत्नी अर्चना सिन्हा जिला परिषद सदस्य हैं। इसके अलावा उनके भाई विद्यानंद उर्फ विवेक सिन्हा पेशे से वकील हैं। सूत्रों के अनुसार विवेक सिन्हा इस घोटाले के मास्टरमाइंड हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि विवेक ही रेलवे कर्मचारियों के फर्जी क्लेम बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

ईडी की इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर दुर्घटना और बीमारी के मुआवजे के फर्जी दावे किए गए। इन दावों के जरिए बड़े पैमाने पर रकम हड़पी गई।

यह मामला सीबीआई की शुरुआती जांच के बाद ईडी के हाथ में आया। सीबीआई ने पाया कि यह घोटाला बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े के जरिए अंजाम दिया गया था। इस मामले में कई जुडिशियल अधिकारी, वकील और सरकारी कर्मचारी भी शक के घेरे में हैं। ईडी फिलहाल पटना, नालंदा और कर्नाटक के मैंगलुरु में भी छापेमारी कर रही है।

ईडी की इस कार्रवाई के बाद नालंदा जिले की राजनीति में खलबली मच गई है। परमानंद सिन्हा और उनके परिवार पर लगे आरोपों ने जदयू को भी असहज स्थिति में डाल दिया है।

ईडी के अधिकारियों के अनुसार घोटाले से जुड़े कई पुख्ता दस्तावेज बरामद किए गए हैं। टीम ने बैंक लेन-देन और संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए हैं। घोटाले में शामिल अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

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