नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के इन 29 छात्रों पर दर्ज हुई नामजद FIR

इस घटना ने एक बार फिर कॉलेजों में रैगिंग की समस्या को उजागर किया है। यदि सोनम की मौत रैगिंग से प्रेरित आत्महत्या साबित होती है तो यह नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करेगा। अभिभावकों और छात्रों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता है…
चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी थाना क्षेत्र में स्थित नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में हाल ही में हुए उपद्रव और एक छात्रा की रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस ने 29 छात्रों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। छात्रा सोनम की मौत के बाद कॉलेज परिसर में भारी बवाल हुआ, जिसमें छात्रों ने स्कूटी और चार लग्जरी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। साथ ही कॉलेज में तोड़फोड़ और कुछ कमरों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार बुधवार की रात गर्ल्स हॉस्टल की तीन मंजिला इमारत की छत से गिरकर छात्रा सोनम की मौत हो गई। सोनम के पिता ने प्राथमिकी में दावा किया कि उनकी बेटी की मृत्यु छत से गिरने के कारण हुई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और कारण। कॉलेज में रैगिंग के कारण परेशान होकर आत्महत्या की चर्चा जोरों पर है, लेकिन पुलिस इस दिशा में अभी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाल सकी है।
छात्रा की मौत के बाद कॉलेज परिसर में माहौल गरमा गया। गुस्साए छात्रों ने जमकर हंगामा किया। स्कूटी और चार लग्जरी वाहनों को आग लगाने के साथ-साथ कॉलेज के कुछ कमरों में भी आगजनी की गई। पुलिस ने बताया कि कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ और हिंसक गतिविधियों में शामिल छात्रों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर की गई है।
चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार के अनुसार छात्रा की मौत के बाद परिसर में अराजकता फैल गई थी। कुछ छात्रों ने वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और कॉलेज में तोड़फोड़ की। फुटेज की जांच के आधार पर 29 छात्रों को नामजद किया गया है और पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
इधर प्राथमिकी दर्ज होने की खबर फैलते ही कॉलेज का छात्रावास लगभग खाली हो गया है। नामजद किए गए अधिकांश छात्र हॉस्टल छोड़कर अपने घरों को लौट गए हैं। परिसर में तनाव का माहौल है और छात्रों के बीच डर का माहौल व्याप्त है। कॉलेज प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे कई सवाल अनुत्तरित हैं।
पुलिस ने जिन 29 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, उनमें पटना जिला के रोहित कुमार (बाढ़), आनंद कुमार, असद विन साद (फुलवारी शरीफ), अमित कुमार (रानी तालाब), रोहतास जिला के निखिल कुमार पांडेय (बिक्रमगंज), सारण जिला के अभिषेक कुमार, गया जिला के अभिषेक कुमार, शेखपुरा जिला के उत्सव राज (बरबीघा), अरवल जिला के अभिज्ञान कुमार, शिवहर जिला के ऋतुराज, पश्चिम चंपारण जिला के कुशल कुमार, खगड़िया जिला के आदित्य आनंद, प्रियांशु कुमार, सुमन कुमार, आदित्य राज वर्मा, मुकेश कुमार, हर्षवर्द्धन, सागर कुमार, अजय कुमार, अनुराग कुमार, रौशन कुमार, अंश कुमार, आदित्य कुमार, समस्तीपुर जिला के रौशन कुमार, उत्सव कुमार, उत्कर्ष कुमार, विजय कुमार, सहरसा जिला के सुधांशु शेखर आदि शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपित छात्रों की पहचान की गई है और पुलिस उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। साथ ही, छात्रा की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कॉलेज प्रशासन की इस मामले में अब तक की चुप्पी कई सवाल उठा रही है। क्या कॉलेज में रैगिंग की घटनाएं पहले से चल रही थीं? क्या प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई कदम उठाए थे? इन सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं।





