नालंदा में पालकालीन मंदिर से भगवान विष्णु, सूर्य देव और बुद्ध को ही उड़ा ले गए चोर!
भगवान विष्णु, सूर्य देव और भगवान बुद्ध की प्राचीन प्रतिमाएं मंदिर से गायब, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के तेतरावां गांव स्थित ऐतिहासिक बुद्ध मंदिर से पालकालीन दुर्लभ प्रतिमाओं की चोरी ने जिले की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अज्ञात चोर मंदिर का ताला तोड़कर भगवान विष्णु, सूर्य देव और भगवान बुद्ध की एक खंडित प्राचीन प्रतिमा चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार देर रात चोर मंदिर का मुख्य ताला और कुंडी तोड़कर अंदर घुसे और सीधे उन प्रतिमाओं को निशाना बनाया, जिन्हें उनकी ऐतिहासिक महत्ता के कारण मंदिर में सुरक्षित रखा गया था। गुरुवार सुबह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे ग्रामीणों ने मंदिर का टूटा ताला देखा। भीतर जाने पर तीनों प्रतिमाएं गायब थीं, जिसके बाद तत्काल मानपुर थाना पुलिस को सूचना दी गई।
गौतम बुद्ध विकास समिति का कहना है कि कि मंदिर का ताला टूटा हुआ था और सींकड़ सीढ़ियों पर पड़े मिले। प्रतिमाओं के गायब होने की पुष्टि होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंच गए।
लोगों ने इसे केवल चोरी की घटना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर पर हमला बताते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मंदिर की स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
बताया जाता है कि चोरी हुई भगवान विष्णु और सूर्य देव की पालकालीन दुर्लभ प्रतिमाएं पिछले वर्ष गांव के तालाब की खुदाई के दौरान जमीन से प्राप्त हुई थीं। उनके पुरातात्विक महत्व को देखते हुए ग्रामीणों ने उन्हें तेतरावां के बुद्ध मंदिर में सुरक्षित स्थापित किया था।
इन प्रतिमाओं को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मूर्तियां न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र थीं, बल्कि नालंदा की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत की महत्वपूर्ण धरोहर भी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
अपर थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व की बहुमूल्य प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय किए गए होते तो संभवतः नालंदा की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर इस तरह चोरी का शिकार नहीं होती। अब ग्रामीणों की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।






