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ACS सिद्धार्थ ने केके पाठक के आदेश को पलटा, 2025 का कैलेंडर जारी, शिक्षक हुए गदगद

बिहार शरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग ने 2025 के लिए स्कूलों का कैलेंडर जारी कर दिया है। इस नए कैलेंडर में मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रधान सचिव (ACS) सिद्धार्थ ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक के पहले दिए गए आदेश को पलटते हुए शिक्षकों और छात्रों के हित में बड़े बदलाव किए हैं।

शिक्षकों और छात्रों के लिए खुशखबरीः नए कैलेंडर में कुल 72 दिनों की छुट्टियों का प्रावधान किया गया है, जिसमें विंटर वेकेशन, समर वेकेशन और महापुरुषों की जयंती जैसे विशेष अवसरों पर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। विंटर वेकेशन 25 से 31 दिसंबर तक होगी। जबकि समर वेकेशन 2 से 21 जून तक निर्धारित की गई है। इसके अलावा रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक पर्वों पर भी स्कूल बंद रहेंगे। जिससे शिक्षक और छात्र दोनों प्रसन्न हैं।

महापुरुषों की जयंती पर भी छुट्टीः केके पाठक द्वारा पहले महापुरुषों की जयंती पर स्कूल बंद न करने का आदेश दिया गया था, जिसे नए कैलेंडर में बदल दिया गया है। अब गुरु गोविंद सिंह जयंती, संत रविदास जयंती और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती जैसे महत्वपूर्ण दिनों पर स्कूलों में अवकाश रहेगा।

ईद की छुट्टी चांद देखने पर निर्भरः ईद की छुट्टी को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसे चांद दीदार के आधार पर तय किया जाएगा, जिससे त्योहार का सटीक महत्व बरकरार रहेगा।

स्कूलों में पर्व और उत्सव अनिवार्यः गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सभी शिक्षक और छात्र अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के आयोजन के बाद छुट्टी दी जाएगी।

छुट्टियों में होमवर्क अनिवार्यः गर्मी, सर्दी और त्योहारों की छुट्टियों के दौरान छात्रों को सभी विषयों में होमवर्क दिया जाएगा। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल खुलने के बाद छात्रों का होमवर्क सही ढंग से जांचा जाए।

2025 कैलेंडर की मुख्य तिथियां

तारीख त्योहार/अवकाश
6 जनवरी गुरु गोविंद सिंह जयंती
14 जनवरी मकर संक्रांति
26 जनवरी गणतंत्र दिवस
14-15 मार्च होली
2-21 जून गर्मी की छुट्टी
9 अगस्त रक्षाबंधन
29 सितंबर-2 अक्टूबर दुर्गा पूजा और गांधी जयंती
20-29 अक्टूबर दीपावली और छठ पूजा
25-31 दिसंबर सर्दियों की छुट्टी

शिक्षा विभाग का संदेशः शिक्षा विभाग ने कैलेंडर जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ये बदलाव शिक्षकों और छात्रों की बेहतरी के लिए किए गए हैं। इस कदम का स्वागत करते हुए शिक्षक संघ ने इसे ‘संतुलित और विचारशील’ बताया है।

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