ACS साहब देख लीजिए नालंदा के उर्दू स्कूलों का हाल, नामांकन 496 और उपस्थिति केवल 76 !

बिहारशरीफ SDO का यह निरीक्षण नगर निगम क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बिगड़ी स्थिति को उजागर करता है। संबंधित विभागों को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की शिक्षा और आमजन को बेहतर बुनियादि सुविधाएं उपलब्ध हो सकें

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। गांव-जेवार तो दूर नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र के उर्दू मध्य विद्यालय बड़ी दरगाह में निरीक्षण के दौरान शिक्षा और स्वच्छता की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई है। बिहारशरीफ अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) काजले नितिन वैभव के नेतृत्व में किए गए इस औचक निरीक्षण में विद्यालय की वास्तविक स्थिति उजागर हुई।

इस विद्यालय में कक्षा 6, 7 और 8 संचालित हैं। नामांकित बच्चों की संख्या और उनकी उपस्थिति में बड़ा अंतर पाया गया। कक्षा 6 में नामांकित 120 छात्र, उपस्थित मात्र 18 पाए गए। कक्षा 7 में नामांकित 192 छात्र, उपस्थित केवल 32 मिले। कक्षा 8 में नामांकित 184 छात्र, उपस्थित मात्र 26 ही दिखे।

इस स्कूल में निरीक्षण में शौचालय भी गंदे पाए गए। जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मिड-डे मील के लिए उपयोग होने वाली थालियां भी साफ नहीं थीं और थालियों की संख्या नामांकित बच्चों के अनुपात में काफी कम पाई गई।

यहां कंप्यूटर कक्ष में किसी भी कंप्यूटर का संचालन भी नहीं हो रहा था। विद्यालय में बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। उक्त स्थिति को लेकर विद्यालय के प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा गया है।

अन्य निरीक्षण और समस्याएंः एसडीओ ने वार्ड 42, 41, और 35 में जन वितरण प्रणाली की दुकानों और आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 99 का भी निरीक्षण किया। विक्रेता अरुण कुमार, श्याम कुमार और रूबी देवी की दुकानें बंद पाई गईं। संबंधित विक्रेताओं से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

बड़ी दरगाह के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं का स्टॉक चेक किया गया। यह पाया गया कि केंद्र पर कोई भी चिकित्सक नियुक्त नहीं है। सिविल सर्जन नालंदा को चिकित्सक की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है।

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