बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के बेन प्रखंड में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (MDM) में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जांच में कई विद्यालयों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर सरकारी योजना में गड़बड़ी किए जाने का मामला उजागर हुआ है। इसके बाद विभाग ने 39 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश जारी किया है।
जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा 30 अप्रैल को बेन प्रखंड के प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना की विशेष जांच कराई गई थी। जांच टीम की रिपोर्ट में यह सामने आया कि अधिकांश विद्यालयों में उपस्थिति पंजी में दर्ज छात्रों की संख्या और विद्यालय में मौजूद बच्चों की वास्तविक संख्या में भारी अंतर था। कई स्कूलों में पिछले छह दिनों की औसत उपस्थिति भी वास्तविक उपस्थिति से कहीं अधिक दर्ज की गई थी।
मध्याह्न भोजन योजना की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंशु कुमारी ने बताया कि सरकार की यह योजना बच्चों को पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराने और कुपोषण से बचाने के उद्देश्य से चलाई जाती है। लेकिन कुछ विद्यालयों में अधिक छात्रों की उपस्थिति दिखाकर योजना में अनियमितता बरती जा रही थी, जो गंभीर चिंता का विषय है।
जांच के दौरान कई विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। कहीं किचेन शेड जर्जर और असंतोषजनक मिले तो कई स्कूलों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन नहीं परोसा गया। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह लापरवाही न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।
इन विद्यालयों में मिली गड़बड़ियांः जिन विद्यालयों में एमडीएम योजना में अनियमितता पाई गई है, उनमें उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोबारकपुर, प्राथमिक विद्यालय कनकू बिगहा, मध्य विद्यालय कुतलूपुर, मध्य विद्यालय धरहरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोल्हुआ, मध्य विद्यालय मैजरा, आदर्श मध्य विद्यालय देवरिया, प्राथमिक विद्यालय दाहाघाट, दाउदपुर, नव प्राथमिक विद्यालय मुजफ्फरपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नोहसा, प्राथमिक विद्यालय मठपर, मध्य विद्यालय आट, करजरा, संस्कृत विद्यालय माण्डी, प्राथमिक विद्यालय विशुबिगहा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जनारो एवं जंघारो, मध्य विद्यालय बेन, प्राथमिक विद्यालय इनायतपुर, भातु बिगहा, मध्य विद्यालय गुरशरणपुर, धरनीधाम, गुलरिया बिगहा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय बलवापर, प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर, मध्य विद्यालय खैरा, प्राथमिक विद्यालय लकैयापर, कृपागंज, मध्य विद्यालय सैदपुर, प्राथमिक विद्यालय दवाई बिगहा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकटीपर, प्राथमिक विद्यालय बारा, गंगटी, खेदु बिगहा, रसुल्ला, लक्ष्मी बिगहा, लालगंज एवं जोलनिगटा शामिल हैं।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य विद्यालयों में भी हड़कंप मच गया है। विभाग अब मध्याह्न भोजन योजना की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।






