बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण का आयोजन रविवार को राज्य के 38 जिलों में फैले 627 परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 12 से 2 बजे तक एकल पाली में किया गया। इस दौरान कदाचार के सात मामले सामने आए, जिनमें 17 अभ्यर्थी संलिप्त पाए गए। इनमें से सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, छह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और चार अभ्यर्थियों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया। सभी मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2025 के तहत आयोजित इस परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 79 हजार 95 अभ्यर्थियों को ई,प्रवेश पत्र जारी किया गया था। इनमें से 2 लाख 51 हजार 569 अभ्यर्थियों ने प्रवेश पत्र डाउनलोड किए। परीक्षा में उपस्थिति लगभग 80 प्रतिशत रही, जो इस बात का संकेत है कि अभ्यर्थियों ने इस अवसर को गंभीरता से लिया।
परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर बॉयोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई थी। मोबाइल जैमर का उपयोग कर किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी को रोका गया। पटना में स्थापित नियंत्रण कक्ष के जरिए सभी केंद्रों पर कड़ी नजर रखी गई।
परीक्षा के दौरान कदाचार के सात मामले विभिन्न जिलों से सामने आए। इनमें से नालंदा में एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें तीन अभियुक्त चिह्नित किए गए और दो को गिरफ्तार किया गया। बक्सर में एक प्राथमिकी में दो अभियुक्तों की पहचान हुई, जिनमें से एक को गिरफ्तार किया गया।
वहीं पश्चिम चंपारण में एक अभियुक्त के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सीवान में दो प्राथमिकी दर्ज कर पांच अभियुक्त चिह्नित किए गए, जिनमें से दो की गिरफ्तारी हुई। दरभंगा और अररिया में भी एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें अररिया में दो अभियुक्तों में से एक को गिरफ्तार किया गया। बांका में दो अभियुक्तों पर एक प्राथमिकी दर्ज हुई और एक को गिरफ्तार किया गया।
केन्द्रीय चयन पर्षद ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा का तीसरा चरण 23 जुलाई को आयोजित होगा। इस चरण में भी पारदर्शिता और कदाचारमुक्त प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समान व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। पर्षद ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निष्पक्षता के साथ परीक्षा में शामिल हों और किसी भी तरह के कदाचार से बचें।
नालंदा जिले में परीक्षा के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। जिला प्रशासन ने बताया कि नालंदा में दर्ज प्राथमिकी के तहत तीन अभियुक्तों की पहचान की गई है और दो को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।








