
थरथरी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र के लखाचक गांव में बिजली मरम्मत कार्य के दौरान करेंट लगने से 25 वर्षीय बिजली मिस्त्री सुधीर कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मृतक सुधीर कुमार नूरसराय थाना क्षेत्र के जयप्रकाशपुर गांव के निवासी थे। वे पिछले पाँच-छह महीनों से थरथरी बिजली विभाग में मानव बल के तहत कार्यरत थे। सुधीर दो भाइयों में छोटे थे और उनके बड़े भाई सुजीत कुमार भी इसी विभाग में कार्य करते हैं। घटना के समय सुजीत प्रतापपुर में ड्यूटी पर थे। सुधीर की शादी चंडी थाना क्षेत्र के भेड़िया गांव में हुई थी और उनकी तीन छोटी बेटियाँ हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार लखाचक गांव में ट्रांसफार्मर से बिजली पूरी तरह से बंद नहीं की गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर से बिजली काटने की व्यवस्था कई गाँवों में खराब है और इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
इस हादसे ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब हर गाँव में बिजली मिस्त्री चिन्हित हैं तो उस दिन लखाचक में किस मिस्त्री की ड्यूटी थी? क्या बिजली काटने की पुष्टि किए बिना सुधीर को पोल पर चढ़ने के लिए कहा गया? क्या यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही या सिस्टम की खामी का परिणाम है?
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की समस्याएँ क्षेत्र में आम हैं। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर की खराबी की जानकारी विभाग को दी जाती है, लेकिन उसका समाधान नहीं होता। परिजनों ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है, ताकि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
साथ ही उन्होंने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे और सुरक्षा उपायों में सुधार की माँग की है। वहीं हादसे के बाद बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह चुप्पी ग्रामीणों और मृतक के परिवार के आक्रोश को और बढ़ा रही है। क्या विभाग इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है?









