बिहार में शिक्षकों के चार कैडर: जानें न्यू ट्रांसफर पॉलिसी और प्रक्रिया में हुए अहम बदलाव

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार में शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत शिक्षकों को चार अलग-अलग कैडर में वर्गीकृत किया गया है। जिनकी नियुक्ति, तबादला और अधिकार अलग-अलग होते हैं। ये कैडर बिहार सरकार की शिक्षक ट्रांसफर नीति को दर्शाते हैं और इससे जुड़े शिक्षकों की जिम्मेदारियों और ट्रांसफर प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

ग्रेड पे कैडरः इस कैडर में वैसे शिक्षक शामिल हैं, जिन्होंने ग्रेड पे पर जॉइन किया है। हालांकि इनकी संख्या अब कम होती जा रही है। ग्रेड पे वाले शिक्षक राज्य के किसी भी स्कूल में तबादला किए जा सकते हैं। इनका तबादला जिले के अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किया जाता है। जिससे जिले के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

नियोजित शिक्षकः बिहार सरकार की ट्रांसफर नीति में नियोजित शिक्षकों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है। इनका तबादला केवल उन्हीं क्षेत्रों में हो सकता है, जहां से इनका नियोजन हुआ था। जैसे ग्राम पंचायत, प्रखंड या जिला स्तर। इस वजह से इन शिक्षकों को अपनी नियोजन इकाई के अनुसार ही स्थानांतरित किया जा सकता है और इनके लिए राज्य स्तर पर ट्रांसफर पॉलिसी का अभाव देखा जाता है।

BPSC शिक्षकः 2023 और 2024 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती हुई है। ये शिक्षक TRE-1 और TRE-2 परीक्षाओं के माध्यम से चयनित हुए हैं। इन शिक्षकों का प्रोवेशन पीरियड चल रहा है। लेकिन बिहार सरकार के पास इनका राज्य के किसी भी स्कूल में तबादला करने का अधिकार है। फिलहाल इनका ट्रांसफर सरकार के विशेष निर्णय के तहत किया जा सकता है।

विशिष्ट शिक्षक कैडरः बिहार सरकार ने एक नया कैडर ‘विशिष्ट शिक्षक कैडर’ बनाया है। जिसमें केवल वे शिक्षक शामिल होंगे, जो सक्षमता परीक्षा पास करेंगे। इस कैडर में शामिल होने वाले शिक्षकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिलेगा। ये नया कैडर विशेष रूप से शिक्षकों के पेशेवर विकास और उनकी स्थायी नियुक्ति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

बिहार सरकार ने ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इच्छुक शिक्षक निम्नलिखित चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:

  1. ई-शिक्षा कोष पर लॉगिन करें: सबसे पहले शिक्षक को ‘ई-शिक्षा कोष’ वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा।

2. रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर ऑन स्पेशल ग्राउंड: इसके बाद ‘रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर ऑन स्पेशल ग्राउंड’ बटन पर क्लिक करें।

3. OTP वेरीफाई करें: आवश्यक विवरण भरने के बाद OTP वेरीफाई करना होगा।

4. सक्षमता उत्तीर्ण शिक्षक डिटेल्स: सक्षमता परीक्षा पास किए हुए शिक्षकों का विवरण स्क्रीन पर दिखेगा।

5. जेंडर सिलेक्ट करें: जेंडर के अनुसार जानकारी दर्ज करें।

6. ड्रॉप-डाउन मेनू से विकल्प चुनें: उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक को चुनें।

7. 10 में से 3 विकल्प अनिवार्य: इच्छुक शिक्षकों को 10 में से 3 स्थानों का चयन करना अनिवार्य होगा।

8. स्कैन की हुई एप्लीकेशन अपलोड करें: अंत में लिखित आवेदन की स्कैन कॉपी को अपलोड करके प्रक्रिया को पूरा करें।

बहरहाल, बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षक कैडर और ट्रांसफर नीति में हुए नए बदलाव शिक्षकों के पेशेवर विकास और राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। यह प्रयास शिक्षकों के कार्यस्थल में स्थिरता लाने और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया इस दिशा में एक बड़ा सुधार है।

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नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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