धरोहर
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माता जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम के लिए 882.87 करोड़ मंजूर
नालंदा दर्पण डेस्क। माता जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम सीतामढ़ी को एक भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। बिहार सरकार की कैबिनेट ने पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए तैयार की गई वृहद योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना…
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श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिरः देखें CM नीतीश ने जारी की Exclusive तस्वीरें
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के सीतामढ़ी जिले में माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम में बनने वाला श्री जानकी जन्मभूमि मंदिर अपनी भव्यता और आध्यात्मिकता के साथ एक नया इतिहास रचने को तैयार है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने एक्स हैंडल पर इस मंदिर के भव्य डिजाइन की तस्वीरें साझा कीं, जो…
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श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर न्यास समिति का पुनर्गठन
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के सीतामढ़ी जिले में माता जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम अब अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। माता सीता के भव्य मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए बिहार सरकार…
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ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज मिलकर भी नहीं कर सकते नालंदा की बराबरी
नालंदा दर्पण डेस्क। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बिहार की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को विश्व के शीर्ष शिक्षण संस्थानों से कहीं ऊपर बताया है। उन्होंने कहा कि बिहार केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यहां बुद्ध, महावीर और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जैसे महान व्यक्तित्वों की…
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राजगीर मलमास मेला 2026: पवित्र कुंडों के संरक्षण की पुकार
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी राजगीर में आयोजित होने वाला राजकीय मलमास मेला 2026 में 17 मई से 15 जून तक अपने पूरे वैभव के साथ शुरू होगा। ढाई से तीन वर्षों में एक बार लगने वाला यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का अनूठा संगम…
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बेहाल राजगीर: सूखते गर्मजल कुंडों के साथ बुझ रही आस्था की लौ
राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर वह पवित्र भूमि हैं, जहाँ कभी तपस्वियों की साधना गूंजती थी। जहाँ गर्मजल के झरने आस्था और आरोग्यता के प्रतीक थे, आज एक मौन त्रासदी का साक्षी बनता जा रहा है। यहां के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से परिपूर्ण गर्मजल कुंड कभी तीर्थयात्रियों के श्रद्धा-स्थल और पर्यटकों…
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जानें दुनिया के बदलाव में नालंदा की भूमिका: खंडहरों से वैश्विक चेतना तक की यात्रा
✍नालंदा दर्पण डेस्क /मुकेश भारतीय। जिस धरोहर को अब हम खंडहरों के रूप में देखते हैं, उसने कभी ज्ञान की ऐसी रोशनी फैलाई थी जिसने सदियों तक पूरी दुनिया को आलोकित किया। बिहार के राजगीर के पास स्थित नालंदा महाविहार सिर्फ एक प्राचीन विश्वविद्यालय नहीं था, यह एक विचार था- एक…
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राजगीर अजातशत्रु किला मैदान और साइक्लोपियन वॉल का इसरो लिडार सर्वे शुरु
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारत के प्राचीन इतिहास को नई तकनीक (इसरो लिडार सर्वे) के साथ उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की छह सदस्यीय वैज्ञानिक टीम ने राजगीर के पुरातात्विक स्थलों का लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सर्वे शुरू कर दिया…
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राजगीर सप्तऋषि कुंड का होगा कायाकल्प, 50 करोड़ स्वीकृत
राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा का चप्पा-चप्पा अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है। बुद्ध और महावीर की तपोभूमि से लेकर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय तक सदियों से ज्ञान, आध्यात्म और संस्कृति का केंद्र रहा है। अब बिहार सरकार ने अनमोल धरोहरों को संरक्षित करने और उसे विश्व पटल…









