धरोहर
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नालंदा विश्वविद्यालय: खाक से शुरू हुआ सफर चढ़ रहा शिखर की सीढ़ी
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। क्या आपने कभी सोचा है कि एक स्थान कैसे सदियों तक ज्ञान का प्रतीक बन सकता है? नालंदा विश्वविद्यालय का नाम संस्कृत के ‘नाल’ (ज्ञान) और ‘अंदा’ (देने वाला) से लिया गया है। यह प्राचीन भारत में शिक्षा और बौद्धिक उत्कृष्टता का पर्याय था। पांचवीं…
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नव नालंदा महाविहार: पाली और बौद्ध अध्ययन का एक चमकता सितारा
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। क्या आपने कभी उस स्थान की कल्पना की है, जहाँ प्राचीन काल में विश्व भर के विद्वान ज्ञान की खोज में एकत्रित होते थे? जी हाँ, नव नालंदा महाविहार कभी विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय था। जोकि ऐसी ही एक पवित्र भूमि थी। पाँचवीं शताब्दी…
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बौद्ध परंपरा से प्रेरित नालंदा की खान-पान संस्कृति एक स्वादिष्ट यात्रा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मगधांचल का नालंदा जिला अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन इसका खान-पान भी उतना ही अनूठा और समृद्ध है। बौद्ध परंपरा से गहरे जुड़े इस क्षेत्र की भोजन संस्कृति में सादगी, संयम और पौष्टिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। क्या आपने…
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Heritage: अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा है नालंदा का यह ऐतिहासिक स्थल
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड अंतर्गत बराह गांव में स्थित गढ़पर एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर (Heritage) है, जो अपने गौरवशाली अतीत को समेटे हुए है, लेकिन आज अतिक्रमण और उपेक्षा की मार झेल रही है। ऊंची सीढ़ियां, पीपल वृक्ष के पास स्तूप के अवशेष और पाली भाषा में…
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सांची स्तूप से दोगुनी ऊंची वैशाली बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय की जानें खासियतें
नालंदा दर्पण डेस्क। वैशाली वह ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि है, जिसने विश्व को पहला गणतंत्र और नारी सशक्तीकरण की प्रेरणा दी। यहां एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक धरोहर को गौरवान्वित किया है। 29 जुलाई 2025 को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का भव्य लोकार्पण हुआ, जिसमें विश्व के…
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नालंदा साहित्य महोत्सव 2025: बिहार की सांस्कृतिक विरासत का होगा भव्य उत्सव
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए राजगीर कन्वेंशन सेंटर में 21 से 25 दिसंबर 2025 तक नालंदा साहित्य महोत्सव 2025 का आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव का थीम बिहार: एक विरासत रखा गया है, जो भाषा, साहित्य…
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नालंदा विश्वविद्यालय: पुनर्जनन का नया युग, छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
राजगीर (नालंदा दर्पण)। प्राचीन भारत की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को पुनर्जनन की ओर ले जाता नालंदा विश्वविद्यालय एक बार फिर वैश्विक शिक्षा के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बीते पांच वर्षों में इस विश्वविद्यालय ने छात्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की है, जो इसके बढ़ते प्रभाव और…
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बावनबुटी शिल्क साड़ीः अब सिलाव के इस बुनकर को मिलेगा राष्ट्रपति पुरस्कार
राजगीर (नालंदा दर्पण)। करघे की खट-खट और रेशम के तारों की नृत्य करती लय के बीच सिलाव (नालंदा) की ऐतिहासिक भूमि एक बार फिर अपनी बुनकरी कला के लिए सुर्खियों में है। सिलाव प्रखंड के नेपुरा गांव के कुशल बुनकर कमलेश राम को उनकी बावनबुटी शिल्क साड़ी की उत्कृष्ट कारीगरी के…
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नालंदा विश्वविद्यालय: ज्ञान कूटनीति के जरिए वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर
राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University), जो प्राचीन भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है, एक बार फिर वैश्विक शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। बीते दिन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सचिन चतुर्वेदी ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट…
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वैशाली बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय स्मृति स्तूप का निर्माण पूरा
नालंदा दर्पण डेस्क। देश-दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाले बिहार के ऐतिहासिक वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस महीने के अंत में इसका भव्य उद्घाटन होने जा रहा है। यह संरचना न केवल बौद्ध धर्मालंबियों के लिए एक प्रमुख आस्था का…









