नालंदा जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाईः 16 उर्वरक दुकानें निलंबित, 4 पैक्स को शोकॉज
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। किसानों को उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए नालंदा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों में उर्वरक दुकानों की औचक जांच की गई। जांच में कई दुकानों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
बताया जाता है कि पूर्व में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर दो प्रतिष्ठानों को पहले ही निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 5 फरवरी 2026 को हुई विस्तृत जांच में एक ही किसान को तय सीमा से अधिक उर्वरक बेचने के मामले में 16 प्रतिष्ठानों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही चार अन्य दुकानों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उर्वरक व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
ये हैं निलंबित उर्वरक प्रतिष्ठान
- अयांश ट्रेडर्स, इस्लामपुर
- लक्ष्मी खाद भंडार, सरमेरा
- हरिनारायण खाद भंडार, हिलसा
- जमुआवां पंचायत पैक्स, एकंगरसराय
- किसान खाद भंडार, अस्थावां
- सुधीर खाद भंडार, नरसंडा (चंडी)
- पूजा ट्रेडर्स, नूरसराय
- हरितक्रांति खाद भंडार, चंडी
- सहयोग वूमेन जीविका प्रो कं लि, बिहारशरीफ
- श्रीराम ट्रेडर्स, परवलपुर
- मयूर इंटरप्राइजेज, एकंगरसराय
- केसर खाद भंडार, नूरसराय
- पारस ट्रेडर्स, चंडी
- पोआरी पंचायत पैक्स लि, हरनौत
- बाराखुर्द पंचायत पैक्स लि, नूरसराय
- शुभम ट्रेडर्स, चंडी
इन प्रतिष्ठानों से मांगा गया स्पष्टीकरण
- सागर इंटरप्राइजेज, गिरियक
- मां भवानी ट्रेडर्स, राजगीर
- कृष्णा ट्रेडर्स, सरमेरा
- केशोपुर पंचायत पैक्स लि, एकंगरसराय
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। 6 मई 2026 तक डीबीटी पोर्टल के अनुसार जिले में 8850 मीट्रिक टन यूरिया और 2402 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।






