नूरसराय के गांव में नकली पाइप फैक्ट्री का भंडाफोड़, संचालक समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज
“नकली पाइप फैक्ट्री का यह भंडाफोड़ इस बात की भी ओर इशारा करता है कि ग्रामीण इलाकों में नकली ब्रांडिंग का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, जहां निगरानी अपेक्षाकृत कम होती है…
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत अहियापुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक ऐसी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जो नामचीन कंपनियों के नाम पर नकली पाइप तैयार कर बाजार में खपा रही थी। पहली नजर में यह एक सामान्य औद्योगिक इकाई लग रही थी, लेकिन अंदर का सच सामने आते ही पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
छापेमारी में खुला ब्रांडेड धोखाधड़ी का खेलः थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई एक लिखित शिकायत के आधार पर हुई। यह शिकायत आशीर्वाद लिमिटेड कंपनी के जांचकर्ता मनीष गुप्ता ने दर्ज कराई थी। सूचना थी कि गांव में बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडिंग के जरिए पाइप तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे हैं।
जैसे ही पुलिस टीम ने शंकर इंटरप्राइजेज नामक फैक्ट्री में छापेमारी की, वहां का नजारा चौंकाने वाला था। मौके से भारी मात्रा में ऐसे पाइप बरामद हुए, जिन पर देश की जानी-मानी कंपनियों के नाम और लोगो लगे थे।
किन-किन ब्रांड्स की हो रही थी नकलः जांच के दौरान जिन ब्रांड्स के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है, उनमें प्रमुख रूप से आशीर्वाद प्लस, आशीर्वाद, एटलस उषा गोल्ड, उषा टेक, उषा पावर, उषा सुपर प्लस, उषा डीलक्स शामिल हैं।
इन नामों का उपयोग कर तैयार किए गए पाइप बाजार में असली के रूप में बेचे जा रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं को भारी आर्थिक और तकनीकी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
फैक्ट्री में क्या-क्या मिलाः पुलिस को छापेमारी के दौरान कई अहम उपकरण और दस्तावेज भी मिले, जिनमें स्क्रीन प्रिंटर मशीन, स्टिकर प्रिंटिंग और स्कैनिंग उपकरण, ब्रांडेड लोगो के स्टीकर, शंकर इंटरप्राइजेज के नाम से बिल बुक शामिल हैं। ये सभी सामान इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह एक संगठित नकली उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क था।
तीन लोगों पर केस दर्जः इस मामले में फैक्ट्री संचालक के अलावा केवई डीह निवासी राजू कुमार और सरगांव निवासी रमाशंकर शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
नकली पाइप क्यों है खतरनाक? विशेषज्ञों के अनुसार नकली पाइप सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि गंभीर सुरक्षा जोखिम भी है। ये पाइप जल्दी टूट सकते हैं, जिससे जलापूर्ति बाधित होती है। घटिया सामग्री से बने पाइप पानी को दूषित कर सकते हैं। सरकारी और निजी परियोजनाओं में ऐसे पाइप इस्तेमाल होने पर बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाईः नूरसराय पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणिक और भरोसेमंद दुकानों से ही सामान खरीदें। साथ ही किसी भी संदिग्ध उत्पाद या गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह के मामलों पर और कड़ी नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इलाके में मचा हड़कंपः इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में नकली उत्पाद बनाने और बेचने वालों के बीच डर का माहौल है। पुलिस की इस सख्ती को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है। वहीं यह घटना उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने का संदेश दे रही है।






