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    हत्यारोपी बंदी की इलाज के दौरान ट्रक मालिक की मौत, खलासी की हत्या का था आरोप

    पावापुरी (नालंदा दर्पण)। बिहार शरीफ मंडल कारा के हत्या के विचाराधीन कैदी की रविवार की रात सदर अस्पताल के बंदी वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गई।

    मृतक आरा जिला के बिहिया निवासी सुदर्शन यादव के 50 वर्षीय पुत्र घुरल यादव ट्रक मालिक थे। पुत्री से प्रेम-प्रसंग के संदेह में आरोपी पर खलासी के हत्या का आरोप था।

    पुत्र गणेश यादव ने पावापुरी ओपी के एक पदाधिकारी पर थर्ड डिग्री का आरोप लगाते हुए बताया कि पिटाई से पिता की तबियत बिगड़ी, जिससे उनकी मौत हुई।

    बता दें कि पावापुरी ओपी पुलिस ने चोरसुआ गांव के समीप सड़क किनारे झाड़ी से जनवरी में एक अज्ञात लाश बरामद की। शव की पहचान बोकारो निवासी खलासी छोटू कुमार के रूप में की गई। जिसके बाद परिवार ने ट्रक मालिक को आरोपित कर केस दर्ज कराया।

    मृतक के पुत्र ने बताया कि पिता ट्रक मालिक थे। वह खुद वाहन चलाते थे। जनवरी माह में पावापुरी ओपी इलाके में हाइवा से कुचलकर झारखंड के बोकारो निवासी खलासी छोटू कुमार की मौत हो गई थी। उसके परिजन ने पिता को आरोपित कर हत्या का केस कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने पिता को 7 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया।

    पावापुरी ओपी के एक पदाधिकारी पिता की लाठी से बेरहमी से पिटाई की। पिटाई से उनके पैर में लगे रॉड का नट खुल गया। कमर में चोट लगने से उन्हें उठने-बैठने में परेशानी हो रही थी। पिटाई से तबियत बिगड़ने से उनकी मौत हुई।

    गिरफ्तारी के बाद ओपी प्रभारी शकुंतला कुमारी ने बताया था कि शव की हालत देख पुलिस को संदेह हुआ कि युवक की हत्या हुई है। शव की पहचान के बाद परिजनों ने केस दर्ज कराया।

    खुलासा हुआ कि पुत्री से प्रेम-प्रसंग के संदेह में ट्रक मालिक ने खलासी की नुकीले रॉड से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।

    जेल अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि 10 जनवरी को हत्यारोपी कैदी को कारा लगाया गया। कैदी हाइपर टेंशन, शुगर की बीमारी से ग्रसित था। किसी कारण उसे उठने-बैठने में तकलीफ हो रही थी।

    22 जनवरी को उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद दो बार उसे पीएमसीएच ले जाया गया। रात में इलाज के दौरान बंदी वार्ड में विचाराधीन कैदी की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया गया।

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