अब 1.2 करोड़ की लागत से राजगीर घोड़ा कटोरा और नेचर सफारी मार्ग होंगे चकाचक

“राजगीर घोड़ा कटोरा झील और नेचर सफारी न केवल भारत, बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। इस योजना के क्रियान्वयन से यह क्षेत्र न केवल और अधिक सुंदर बनेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श उदाहरण भी पेश करेगा…
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर राजगीर को और अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल क्षेत्र राजगीर में अवस्थित घोड़ा कटोरा झील और नेचर सफारी जाने वाले मार्ग की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए 1.2 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि क्षेत्र में ईको टूरिज्म को भी बढ़ावा देना है।
बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि राज्य के जंगलों में दुर्लभ जड़ी-बूटियां, औषधीय गुणों से भरपूर फूल और फल पाए जाते हैं। इनकी सुरक्षा और संग्रहण के लिए माइनर फॉरेस्ट बॉडी का गठन किया गया है। यह बॉडी नालंदा, भभुआ, रोहतास, गया, नवादा, बांका और जमुई सहित 10 जिलों में काम करेगी। इसके जरिए स्थानीय समुदायों को भी रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि बिहार में ईको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। घोड़ा कटोरा झील और नेचर सफारी इन संभावनाओं का बेहतरीन उदाहरण हैं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग इस दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसके तहत पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे का विकास और जंगलों में वन्यजीवों के संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है।
यह परियोजना न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। ईको टूरिज्म के जरिए स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान होगा।
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