समस्या
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बेन बाजार में अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े वाहनों से राहगीरों की बढ़ी परेशानी
बेन (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के बेन बाजार की मुख्य सड़कों पर इन दिनों अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। बाजार क्षेत्र में एक ओर मांस-मछली की दुकानें, अस्थायी ठेले और टोटो खड़े रहते हैं तो दूसरी ओर सड़कों पर बेतरतीब तरीके से खड़े दोपहिया…
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Open sale: बेन बाजार में यूं मांस-मछली की बिक्री से फैल रही दुर्गंध से संक्रमण की समस्या
बेन (नालंदा दर्पण)। बेन प्रखंड मुख्यालय का व्यस्त बाजार इन दिनों एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता संकट (Open sale) का सामना कर रहा है। बाजार की मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर खुलेआम मुर्गा, बकरा और मछली काटकर बेचे जाने से आसपास का वातावरण दुर्गंध से भर गया है। इससे न…
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Rajgir will get relief from traffic : फोरलेन बायपास बनेगा विकास-पर्यावरण संतुलन का मॉडल
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटन और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात राजगीर को जल्द ही वर्षों पुरानी ट्रैफिक समस्या से राहत (Rajgir will get relief from traffic) मिल सकती है। शहर में प्रस्तावित एलीवेटेड रोड की योजना जहां ठंडे बस्ते में चली गई है, वहीं अब उसके विकल्प के तौर पर फोरलेन…
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पाइप बिछाने के दौरान पीएचईडी विभाग ने गली को कोड़कर छोड़ा, बढ़ी परेशानी
बेन (नालंदा दर्पण)। एक तरफ सरकार हर गांव में पंचायत स्तर पर सभी गली को पक्की कर दी है। एवं पानी निकासी को लेकर गली-नली बनवाने में करोड़ों रुपए खर्च कर दी है। वहीं सरकार के हीं योजना हर घर नल-जल को लेकर पीएचईडी विभाग नवनिर्मित गलियों को तोड़कर छोड़ दिया…
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बदलता राजगीरः क्या वास्तव में अब भी मौजूद हैं 22 कुंड और 52 झरने ?
वर्तमान में राजगीर कई कुंडों से जल निकलना बंद या कम हो गया है। व्यास कुंड और गंगा-यमुना कुंड समेत कुछ प्रमुख स्रोतों की धाराएँ सूख चुकी हैं। भू-जल का स्तर गिरना, कम वर्षा, भूमिगत थर्मल सिस्टम और पर्यावरणीय दबाव जैसे संभावित कारण। समिति गठित करने, वैज्ञानिक अध्ययन कराने और संरक्षण…
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इस्लामपुर में नाला-सड़क निर्माण बनी मुसीबत, दुकानदारों की रोज़ी पर संकट
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। स्थानीय इस्लामपुर नगर परिषद क्षेत्र में जगदंबा द्वार से पक्की तालाब रोड तक चल रहा नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य अब विकास नहीं, बल्कि आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शहरी विकास मद से वुटको के माध्यम से कराए जा रहे इस…
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पुल निर्माण न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन तथा ठेकेदार पर नाराजगी
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत गंगा बिगहा गांव में पंचाने नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित पुल का सपना अब ग्रामीणों के लिए सवाल बनता जा रहा है। बड़े समारोह और वादों के बीच 20 जून 2025 को जिस पुल का शिलान्यास किया गया था, उस पर सात…
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मुहाने नदी: सरकारी सड़ांध का पर्याय बनी इस्लामपुर-चंडी की जीवन रेखा
नालंदा दर्पण डेस्क। तमाम सरकारों की कालिख अपने दामन में समेटे मुहाने नदी आज मरणासन्न अवस्था में पड़ी है। यह वही नदी है जो कभी जीवन देती थी, आज वही नदी मृत्यु दायिनी बनती जा रही है। क्योंकि नदियां जानती हैं उनके मरने के बाद सभ्यताओं के मरने की बारी आती…
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150 वर्ष पुराना पंकज पोखर उपेक्षित: 32 एकड़ से सिमटकर 20 एकड़ रह गया ऐतिहासिक तालाब
बेन प्रखंड मुख्यालय का 150 वर्ष पुराना पंकज पोखर आज उपेक्षा का शिकार है। कभी 32 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक तालाब अब सिकुड़कर 20 एकड़ रह गया है। जलसंचयन के अभाव में तालाब सूखा पड़ा है, जिससे सिंचाई, पशु-पक्षियों और ग्रामीण जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
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राजगीर के पौराणिक गर्मजल कुंडों पर गहराता संकट, जनवरी में ही सूखे कई कुंड
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटन, अध्यात्म और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात राजगीर के गर्मजल कुंडों का अस्तित्व एक बार फिर गंभीर संकट में पड़ता नजर आ रहा है। जहां सूर्यकुंड क्षेत्र के सभी कुंडों की जलधाराएं अब भी यथावत प्रवाहित हो रही हैं, वहीं ब्रह्मकुंड क्षेत्र के कई प्रसिद्ध कुंड दशकों…









