राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटन और आस्था के वैश्विक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुका राजगीर इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की गंभीर बदहाली से जूझ रहा है। खासकर राजगीर बस स्टैंड, जो यात्रियों के आवागमन का प्रमुख केंद्र है, अपनी जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति को लेकर लोगों के गुस्से का कारण बन गया है।
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के अनुसार, बस स्टैंड की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि बिना कीचड़ और गंदगी से गुजरे बस तक पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जहां यात्रियों को फिसलन भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक समय बिहार को जंगलराज के नाम से बदनाम किया जाता था, लेकिन उस दौर में भी राजगीर बस स्टैंड की स्थिति इतनी खराब नहीं थी। वर्तमान हालात प्रशासनिक लापरवाही और अनदेखी की कहानी बयां कर रहे हैं।
सबसे चिंता की बात यह है कि आगामी दिनों में प्रसिद्ध मलमास मेला आयोजित होने वाला है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बस स्टैंड और यात्री सुविधाओं की बदहाली प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो इसका सीधा असर राजगीर ही नहीं बल्कि पूरे बिहार की छवि पर पड़ेगा।
लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या मलमास मेला से पहले व्यवस्थाओं में सुधार हो पाता है या नहीं।






