समस्या
-

बदलता राजगीरः क्या वास्तव में अब भी मौजूद हैं 22 कुंड और 52 झरने ?
वर्तमान में राजगीर कई कुंडों से जल निकलना बंद या कम हो गया है। व्यास कुंड और गंगा-यमुना कुंड समेत कुछ प्रमुख स्रोतों की धाराएँ सूख चुकी हैं। भू-जल का स्तर गिरना, कम वर्षा, भूमिगत थर्मल सिस्टम और पर्यावरणीय दबाव जैसे संभावित कारण। समिति गठित करने, वैज्ञानिक अध्ययन कराने और संरक्षण…
-

इस्लामपुर में नाला-सड़क निर्माण बनी मुसीबत, दुकानदारों की रोज़ी पर संकट
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। स्थानीय इस्लामपुर नगर परिषद क्षेत्र में जगदंबा द्वार से पक्की तालाब रोड तक चल रहा नाला एवं पीसीसी सड़क निर्माण कार्य अब विकास नहीं, बल्कि आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। शहरी विकास मद से वुटको के माध्यम से कराए जा रहे इस…
-

पुल निर्माण न होने पर ग्रामीणों का प्रदर्शन, प्रशासन तथा ठेकेदार पर नाराजगी
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत गंगा बिगहा गांव में पंचाने नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित पुल का सपना अब ग्रामीणों के लिए सवाल बनता जा रहा है। बड़े समारोह और वादों के बीच 20 जून 2025 को जिस पुल का शिलान्यास किया गया था, उस पर सात…
-

मुहाने नदी: सरकारी सड़ांध का पर्याय बनी इस्लामपुर-चंडी की जीवन रेखा
नालंदा दर्पण डेस्क। तमाम सरकारों की कालिख अपने दामन में समेटे मुहाने नदी आज मरणासन्न अवस्था में पड़ी है। यह वही नदी है जो कभी जीवन देती थी, आज वही नदी मृत्यु दायिनी बनती जा रही है। क्योंकि नदियां जानती हैं उनके मरने के बाद सभ्यताओं के मरने की बारी आती…
-

150 वर्ष पुराना पंकज पोखर उपेक्षित: 32 एकड़ से सिमटकर 20 एकड़ रह गया ऐतिहासिक तालाब
बेन प्रखंड मुख्यालय का 150 वर्ष पुराना पंकज पोखर आज उपेक्षा का शिकार है। कभी 32 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक तालाब अब सिकुड़कर 20 एकड़ रह गया है। जलसंचयन के अभाव में तालाब सूखा पड़ा है, जिससे सिंचाई, पशु-पक्षियों और ग्रामीण जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
-

राजगीर के पौराणिक गर्मजल कुंडों पर गहराता संकट, जनवरी में ही सूखे कई कुंड
राजगीर (नालंदा दर्पण)। पर्यटन, अध्यात्म और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात राजगीर के गर्मजल कुंडों का अस्तित्व एक बार फिर गंभीर संकट में पड़ता नजर आ रहा है। जहां सूर्यकुंड क्षेत्र के सभी कुंडों की जलधाराएं अब भी यथावत प्रवाहित हो रही हैं, वहीं ब्रह्मकुंड क्षेत्र के कई प्रसिद्ध कुंड दशकों…
-

डीएम के आदेश बेअसर, सरकारी जमीन पर कब्जा बरकरार, सिंचाई-रास्ता अवरुद्ध
बेन (नालंदा दर्पण)। बेन अंचल के उमराव विगहा गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि वर्षों पहले जिलाधिकारी द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित होने के बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन…
-

पीएम आवास में वार्ड पार्षद की कमीशनखोरी की जांच करेगी डीएम की टीम
हिलसा (नालंदा दर्पण)। प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित कमीशनखोरी का मामला हिलसा नगर परिषद क्षेत्र में अब गंभीर मोड़ ले चुका है। वार्ड संख्या–10 में एक गरीब लाभुक से 30 हजार रुपये कमीशन मांगने और राशि नहीं देने पर निर्माण कार्य रुकवाने के आरोप ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल…
-

मंत्री की तामझाम के बाबजूद नहीं बदली राजगीर बस स्टैंड की तस्वीर
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) द्वारा संचालित राजगीर बस स्टैंड बदहाली का शिकार बना हुआ है। जबकि हाल ही में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने बड़े तामझाम के साथ यहां का दौरा कर अफसरो को सुधार लाने के निर्देश दिए। बहलहाल सड़क से लगभग टेहुना भर नीचे…
-

मुहाने, पैमार, सकरी और पंचाने नदियों पर अतिक्रमण किसानों के लिए बनी मुसीबत
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले में पंचाने, पैमार, सकरी और मुहाने जैसी सुरसर नदियां कभी इस क्षेत्र के गांवों और किसानों के लिए जीवन रेखा मानी जाती थी। इन्हीं नदियों के जल से खेतों की सिंचाई होती थी। पशुपालन को संबल मिलता था। ग्रामीण जीवन की अर्थव्यवस्था चलती थी। लेकिन आज…









