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रामबाबू धर्मशाला पर अवैध कब्जे के खिलाफ संघर्ष समिति गठित, आंदोलन की चेतावनी

हिलसा (नालंदा दर्पण/धर्मेंद्र कुमार)।  हिलसा नगर के स्टेशन रोड स्थित रामबाबू धर्मशाला परिसर में रविवार को भू-माफियाओं के खिलाफ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक रामबाबू धर्मशाला बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता सदन प्रसाद ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता आर्यन आर्क ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से संघर्ष समिति का गठन करते हुए विभिन्न पदाधिकारियों का चयन किया गया।

बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाजसेवी रामबाबू ने अपने जीवनकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के लिए कई संस्थानों की स्थापना की थी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि पहले अस्पताल की जमीन पर कब्जे का प्रयास हुआ और अब धर्मशाला की कथित अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने दावा किया कि रामबाबू धर्मशाला बिहार राज्य न्यास बोर्ड से निबंधित संस्था है। इसके बावजूद कथित रूप से भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी कागजात के आधार पर उसकी रजिस्ट्री कराई गई है। वक्ताओं ने कहा कि हिलसा की जनता अब रामबाबू की विरासत को बचाने के लिए एकजुट हो चुकी है और जरूरत पड़ने पर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति की पांच सदस्यीय टीम जल्द ही बिहार राज्य न्यास बोर्ड के अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की जानकारी देगी। साथ ही जिला प्रशासन से मुलाकात कर कथित फर्जी रजिस्ट्री को रद्द कराने और आगे की रणनीति तय करने की मांग की जाएगी।

इस अवसर पर विमलेश कुमार उर्फ भोलू, रजनीश कुमार उर्फ फोनु, अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा, अशोक कुमार, विनोद कुमार, दिनेश यादव, शशि कुमार, राजेश कुमार, जितेंद्र कुमार, कमलेश प्रसाद, निर्देश कुमार, प्रफुल पटेल, विनोद चंद्रवंशी, दिनेश पांडे, अजय कुमार, रिशू पटेल, रिचु कुमार, रूपेश पटेल एवं कुंदन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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