बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। राजनीतिक तापमान धीरे-धीरे चढ़ता जा रहा है और इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजगीर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आरक्षण को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने मंच से साफ शब्दों में कहा कि अगर केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी तो आरक्षण की वर्तमान 50 फीसदी सीमा को तोड़ा जाएगा और इस क्रांतिकारी कदम की शुरुआत बिहार से ही होगी।
राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर यह विचार कहां से आया कि देश में सिर्फ 50 प्रतिशत ही आरक्षण हो सकता है? जब देश की 90 प्रतिशत आबादी पिछड़े, दलित और अति पिछड़े समाज से आती है तो उनके लिए सिर्फ 50 फीसदी आरक्षण क्यों?
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद जनता से भावनात्मक अंदाज में संवाद करते हुए कहा कि संविधान में जो बातें लिखी गई हैं, वे गौतम बुद्ध के विचारों से प्रेरित हैं और उन विचारों को खत्म करने की साजिशें हो रही हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आरएसएस को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह संगठन संविधान की आत्मा को मिटाने में जुटा है।
राहुल गांधी ने सावरकर और गोडसे की विचारधारा को गांधी और अंबेडकर की विचारधारा के विपरीत बताते हुए कहा कि यह एक पुरानी लड़ाई है। एक तरफ नफरत और दूसरी तरफ प्रेम, समानता और न्याय की सोच है।
उन्होंने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि एक छोटी सी बच्ची ने उनसे कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। राहुल ने आगे कहा कि मैं जानता हूं कि वो बच्ची डॉक्टर नहीं बन पाएगी क्योंकि वह अति पिछड़ा समाज से आती है। मैं ऐसा भारत नहीं चाहता जो अपने बच्चों से झूठे सपने दिखाए और उन्हें साकार न कर सके।
कन्वेंशन हॉल में आयोजित संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अति पिछड़ा समाज के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनकी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कमजोर और वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में सीना ठोककर जातीय जनगणना की मांग की थी और अंततः केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ओबीसी, ईबीसी और आदिवासियों को बताया है कि सत्ता में उनकी भागीदारी जरूरी है।
बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद ने भाजपा-जदयू गठबंधन को झूठ की बुनियाद पर खड़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सामाजिक न्याय के विरोध में काम कर रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शशिभूषण पंडित ने की। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद, बिहार प्रभारी कृष्णा अलावरू, पूर्व विधायक अनील सिंह, कांग्रेस नेता रवि ज्योति, जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला, रमेश प्रसाद समेत अनेक नेता उपस्थित थे।








