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Rajgir Nagar Parishad corruption: बर्खास्त कनीय अभियंता को फिर से बहाल करने की तैयारी

राजगीर (नालंदा दर्पण)। Rajgir Nagar Parishad corruption: राजगीर नगर परिषद के बर्खास्त कनीय अभियंता कुमार आनंद को फिर से बहाल करने की आंतरिक तैयारी लगभग पूरी कर ली गयी है। केवल घोषणा बाकी है। कुमार आनन्द वहीं कनीय अभियंता हैं, जिन्हें वित्तीय भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप में डीएम शशांक शुभंकर के आदेश पर तत्कालीन आईएएस कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री दिव्या शक्ति द्वारा बर्खास्त किया गया है।

अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि बर्खास्त कनीय अभियंता कुमार आनन्द की कभी भी नगर परिषद में फिर से बहाली हो सकती है। डीएम द्वारा गठित निगरानी समिति (उड़नदस्ता धावादल) द्वारा नगर परिषद के कनीय अभियंता कुमार आनन्द के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांचोपरांत पुष्टि की गयी है।

निगरानी समिति के संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में कनीय अभियंता के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश डीएम द्वारा तत्कालीन आईएएस कार्पालक पदाधिकारी को दिया गया था। डीएम के आदेश के बाद नगर परिषद बोर्ड द्वारा आरोपित कनीय अभियंता को बर्खास्त कर दिया गया था।

निगरानी समिति के जांच प्रतिवेदन के अनुसार नगर परिषद के पुरानी वार्ड संख्या 01 पंडितपुर में विशेश्वर यादव से कमलाकांत पांडेय तक और नुन प्रसाद, माधो यादव, वरन यादव के घर तक पीसीसी ढलाई एवं ढक्कन सहित नाली निर्माण करना था। लेकिन बिना नाली निर्माण किये ही कनीय अभियंता द्वारा पूर्ण राशि संवेदक को भुगतान कर दिया गया है।

पंडितपुर के ही विशेश्वर यादव से कमलाकांत पाण्डेय के घर से शकुन प्रसाद, माधो यादव, वरण यादव के घर तक पीसीसी पथ एवं ढक्कन सहित नाली निर्माण कराना था। इस नाली की लंबाई 600 फीट और प्राक्कलन की राशि 9,78,348 रुपये है। लेकिन जांच में 600 फीट पीसीसी पथ का निर्माण की जगह केवल 236 फीट में ढ़क्कन सहित नाली का निर्माण पाया गया है।

जबकि मापी पुस्तिका में स्थल पर किये गये कार्य से 41.25 फीट पीसीसी पथ तथा 362 फीट ढक्कन सहित नाली का कार्य अधिक प्रविष्टि एवं भुगतान किया गया है। इससे वित्तीय क्षति होने की पुष्टि की गयी है। इस योजना में संवेदक सोनी कुमारी को 8,38,024 रुपये का भुगतान किया गया है।

चकपर पीसीसी पथ और नाली निर्माण में अनियमितताः पुरानी वार्ड संख्या 07 के चकपर के शंकर राम, अरुण एवं संजय राम के घर से परमेश्वर राजवंशी के घर तक पीसीसी पथ और ढक्कन सहित नाली निर्माण होना था। पथ की लंबाई 3000 फीट और प्राक्कलन की राशि 5,67,580 रुपये है। कार्यस्थल पर केवल 957 वर्गफीट पीसीसी पथ मौजूद है। लेकिन संवेदक चन्द्रशेखर कुमार को 5,01,095 रुपये का भुगतान किया गया है। मापी पुस्तिका में कनीय अभियंता द्वारा 2128.535 वर्गफीट दर्ज किया गया है।

प्राक्कलन के अनुसार 300 फीट में पीसीसी पथ, जिसका क्षेत्रफल 2100 वर्गफीट है एवं 300 फीट ढक्कन सहित नाला का निर्माण है, जेई द्वारा मापी पुस्तिका में 300 फीट में पीसीसी पथ, जिसका क्षेत्रफल 2128.535 वर्ग फीट एवं 300 फीट ढक्कन सहित नाला की प्रविष्टि मापीपुस्तिका में किया गया है। योजना का भुगतान भी किया गया है। परंतु धरातल पर कार्य केवल 178.25 फीट पीसीसी पथ, जिसका क्षेत्रफल 957 वर्ग फीट एवं 144.75 फीट में ढक्कन सहित नाला का निर्माण पाया गया है।

310 मीटर की जगह नाली बनी केवल 160 मीटर: पुरानी वार्ड संख्या-19 में होटल लक्ष्मी पैलेस से दिपु उपाध्याय एवं गोपाल सिंह के घर से सुरेन्द्र कुमार के घर से आगे झुन्नु यादव के गली में 310 मीटर नाली निर्माण 16,27,065 रुपये की लागत से करनी थी।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार केवल 160 मीटर नाली का निर्माण किया गया है। इस योजना में स्वीकृत आरेखण से अलग 150 मीटर आरसीसी पथ के किनारे ऑल सेन्ट्स स्कूल से मखदुम कुण्ड रोड के तरफ नाली का निर्माण किया गया है। जिसकी अनुमति का कोई भी साक्ष्य नहीं है। इस योजना के ठेकेदार अमरजीत कुमार को 15,79,796 रुपये का भुगतान किया गया है।

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