आवागमननालंदाप्रशासनबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफ

RPF has partnered with CEIR: अब आसानी से मिलेगा रेल यात्रियों का खोया मोबाइल

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। RPF has partnered with CEIR: रेल यात्रा के दौरान मोबाइल फोन गुम हो जाना यात्रियों के लिए एक आम लेकिन परेशानी भरी समस्या रही है। फोन खोने के बाद न सिर्फ उनकी मुश्किलें बढ़ जाती हैं, बल्कि कई बार इसकी शिकायत दर्ज कराने में भी दिक्कत होती है। रेलवे पुलिस (जीआरपी) थानों में शिकायत दर्ज होने के बावजूद ज्यादातर मामलों में खोया हुआ मोबाइल फोन वापस नहीं मिल पाता था। लेकिन अब रेल यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने इस समस्या के समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।  जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक आरपीएफ ने खोए हुए मोबाइल फोन को ढूंढने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ साझेदारी की है। इस पहल के तहत आरपीएफ ने दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के साथ एक प्रभावी सहयोग स्थापित किया है। यह साझेदारी रेल यात्रियों को उनके खोए हुए फोन को आसानी से वापस पाने में मदद करेगी।

यदि किसी रेल यात्री का मोबाइल फोन गुम हो जाता है तो वे इसकी शिकायत रेल मदद (Rail Madad) ऐप या 139 हेल्पलाइन नंबर के जरिए दर्ज कर सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए दो विकल्प उपलब्ध होंगे। पहला यदि यात्री प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं कराना चाहते तो वे सीधे सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इस स्थिति में आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को पोर्टल पर अपलोड करेगी और फोन के IMEI नंबर जैसे आवश्यक विवरण दर्ज करने के बाद डिवाइस को ब्लॉक कर देगी।

यदि खोया हुआ फोन किसी नई सिम के साथ सक्रिय होता है तो सीईआईआर सिस्टम के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया जाएगा। इसके बाद फोन का उपयोग करने वाले व्यक्ति को इसे नजदीकी आरपीएफ पोस्ट पर जमा करने की सलाह दी जाएगी। फिर असली मालिक अपने जरूरी दस्तावेज जैसे पहचान पत्र और खरीद का प्रमाण, दिखाकर अपना फोन वापस ले सकेगा।

यदि फोन का उपयोग करने वाला व्यक्ति इसे लौटाने से इन्कार करता है तो आरपीएफ इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है और जांच को स्थानीय पुलिस के हवाले कर सकती है। फोन की रिकवरी होने के बाद शिकायतकर्ता सीईआईआर पोर्टल के जरिए डिवाइस को अनब्लॉक करने का अनुरोध कर सकता है। इस प्रक्रिया में जरूरत पड़ने पर आरपीएफ सहायता भी प्रदान करेगी।

बहरहाल, यह साझेदारी रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। अब तक खोए हुए फोन को वापस पाने की उम्मीद कम ही रहती थी। लेकिन सीईआईआर और आरपीएफ की इस संयुक्त पहल से न केवल फोन की रिकवरी आसान होगी, बल्कि चोरी या दुरुपयोग के मामलों में भी कार्रवाई संभव हो सकेगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future