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हिलसा नगर परिषद बजट बैठक में हंगामा, मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर लगे गंभीर आरोप

यह घटना हिलसा नगर परिषद के प्रशासनिक ढांचे में गहरे मतभेदों को उजागर करती है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज स्थानीय राजनीति में सुनाई दे सकती है…

हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा नगर परिषद की बजट बैठक उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब उपमुख्य पार्षद दुर्गा देवी सहित 19 वार्ड पार्षदों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस बैठक के दौरान नारेबाजी और गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। जिसमें मुख्य पार्षद मुर्दाबाद और कार्यपालक पदाधिकारी ‘मुर्दाबाद’ के नारे गूंजते रहे। पार्षदों ने बजट प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे एकतरफा और मनमाना करार दिया।

दरअसल आज शनिवार को हिलसा नगर परिषद सभागार में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट को मंजूरी देना था। लेकिन जैसे ही बैठक शुरू हुई, उपमुख्य पार्षद दुर्गा देवी के नेतृत्व में 19 वार्ड पार्षदों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

पार्षदों का कहना था कि मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी उनकी मांगों और विभिन्न वार्डों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं।

पार्षद विजय कुमार विजेता ने कहा, ‘हमारे वार्डों में सड़क, नाली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। लेकिन इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इसके बजाय मनमाने ढंग से फैसले लिए जा रहे हैं’।

विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर विकास योजनाओं में अनियमितता और वित्तीय फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगाया।

वार्ड पार्षद कुमारी कंचन सिंह ने दावा किया, ‘विकास के नाम पर सरकारी खजाने का सिर्फ बंदरबांट हो रहा है। अगर इसकी निष्पक्ष जांच हो तो बड़ा घोटाला सामने आएगा’।

वहीं पार्षद शैलेंद्र कुमार ने कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘हमारे सुझावों को कभी गंभीरता से नहीं लिया जाता। यह बजट जनता के हित में नहीं, बल्कि कुछ लोगों के निजी फायदे के लिए बनाया गया है’।

पार्षदों ने बताया कि हिलसा नगर परिषद के कई वार्डों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। रीना देवी ने कहा, ‘हमारे वार्ड में नालियां जाम हैं, सड़कें टूटी पड़ी हैं। लेकिन इन समस्याओं को बैठक में उठाने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती’।

इसी तरह सकलदीप चौधरी ने आरोप लगाया कि बजट का आवंटन पारदर्शी तरीके से नहीं किया जा रहा और इसका लाभ सिर्फ चुनिंदा लोगों तक सीमित है।

इस विरोध प्रदर्शन में उपमुख्य पार्षद दुर्गा देवी के साथ-साथ वार्ड पार्षद विजय कुमार विजेता, कुमारी कंचन सिंह, रीना देवी, बिंदा कुमारी, सिंधु कुमारी, किरण रावत, निरंजन बिना कुमारी, रीना कुमारी, निरंजन कुमार, शैलेंद्र कुमार, सकलदीप चौधरी, पम्मी कुमारी, नौशाद आलम, शमशेर आलम, तबस्सुम प्रवीण, सरिता देवी, उर्मिला देवी और रंजू देवी शामिल थे। सभी ने एकजुट होकर मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

बहरहाल, इस बैठक में हंगामे के बाद बजट प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं बन सकी। पार्षदों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं को सुनने और बजट में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई बैठक बुलाई जाए। दूसरी ओर मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह विवाद जल्द सुलझा नहीं तो हिलसा में विकास कार्य और प्रभावित हो सकते हैं।

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