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राजगीर जू सफारी में वन्यजीवों और पर्यटकों लिए हुआ खास इंतजाम

राजगीर (नालंदा दर्पण)। भीषण गर्मी में राजगीर जू सफारी भ्रमण करने वाले पर्यटकों और वन्यजीवों का खास ख्याल रखा जा रहा है। जू सफारी परिसर के प्रमुख प्वाइंट पर पर्यटकों के लिए ग्लूकोज की व्यवस्था की गयी है।

वहीं वन्यप्राणियों के लिए विशेष डाईट प्लान निर्धारित किया गया है। सफारी के गेट नंबर-5 के टिकट काउंटर पर ग्लूकोज मिश्रित शीतल जल की व्यवस्था प्रबंधन द्वारा किया गया है।

वन्यप्राणी सफारी अधिकारी राकेश कुमार की मानें तो पर्यटकों, वन्यप्राणियों सहित सफारी कर्मियों के स्वास्थ्य का भरपूर ख्याल रखा जा रहा है। इस गर्मी से सभी को हेल्थ सर्वाइव कराने पर अधिक फोकस किया जा रहा है।

पर्यटकों के लिए ग्लूकोज और फर्स्ट एड की व्यवस्था की गई है। ताकि डिहाइड्रेशन की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसी प्रकार वन्यप्राणियों के लिए विशेष डाइट पर ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न प्रजातियों के हिरणों को तरबूज व ककड़ी दिया जा रहा है।

वहीं भालूओं को राहत पहुंचाने के लिए आईसक्रीम और आईस सिल्लियां दी जा रही है। भालू के शरीर पर लंबे और मोटे घने बाल का आवरण होता है, जिससे उन्हें काफी गर्मी का एहसास होता है।

भालुओं को बेल फल के साथ-साथ मौसमी फल भी खाने के लिए दिया जा रहा है। इससे उनकी पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है। वहीं वर्फ की सिल्लियां चाट कर अपने तापमान को संतुलित करता रहता है।

बाघ, शेर और तेंदुआ को गर्मी के दिनों में मांस खाने से अधिक गर्मी लगती है। इसलिए सर्दी के मुकाबले इन मांसभक्षी जीवों को पहले से कम मात्रा में मांस उपलब्ध कराया जा रहा है।

वहीं गर्मी के कारण इन जंगली जानवरों द्वारा छोड़ दिए जा रहे मांस को ध्यान में रखकर उतनी ही मात्रा में भोजन दिया जा रहा है।

वहीं जू सफारी के बाघ, शेर, भालू और तेंदुआ जैसे जानवरों के इंक्लोजर्स में ठंडी हवा के लिए कूलर्स और फैन द्वारा कुलिंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

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Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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