बिहारशरीफ कोर्ट परिसर में वकीलों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। पटना सिविल कोर्ट के गेट नंबर एक से सटे ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने तथा उसमें ब्लास्ट करने से एक वकील की मौत होने और चार अन्य वकीलों के जख्मी होने की घटना सिविल कोर्ट की व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है।

There is no proper arrangement for lawyers to sit in the Bihar Sharif court premisesबिहारशरीफ सिविल कोर्ट परिसर में भी वकीलों के बैठने और वहां मौजूद सुविधाओं की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। कोर्ट परिसर में अंदर जहां वकील लोग बैठते हैं, वहां आसपास कहीं बिजली के ट्रांसफार्मर नहीं हैं। सिविल कोर्ट के इंट्री गेट के पास में ही ट्रांसफार्मर स्थित हैं।

बिहारशरीफ सिविल कोर्ट परिसर दो भागों में बंटा हुआ है। एक भाग में विभिन्न न्यायालय भवन हैं, जबकि दूसरे भाग में बार एसोसिएशन के कार्यालय भवन हैं। सभी जगह बिजली की आपूर्ति में गेट के पास स्थित ट्रांसफार्मर से ही बिजली की सप्लाई होती है।

सिविल कोर्ट परिसर में कुछ वकील लोहे के शेड के नीचे बैठकर अपना कार्य करते हैं, कुछ वकील रास्ते पर टेबल कुर्सी लगाकर बैठे रहते हैं। वहां भीड़-भाड़ अधिक रहती है। वकील व ग्राहक बड़ी संख्या में वहां मौजूद रहते हैं।

पंखा व बिजली की व्यवस्था है। यहां पर बिजली के करंट लगने का डर बना रहता है। किसी कारण जैसे-बिजली के कवर वायर के कट जाने पर पूरे शेड में करंट आने का डर बना रहता है।

यहां मुकदमों की सुनवाई व अन्य कार्य से सिविल कोर्ट आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है। लोग इधर-उधर, पेड़ के नीचे व भवन की सीढ़ियों पर बैठे रहते हैं।

यहां कोर्ट कार्य से आने वाले लोगों के लिए न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है। व्यवहार न्यायालय के तरफ एकाध जगह इसकी व्यवस्था है, लेकिन बार एसोसिएशन की तरह शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।

बिहारशरीफ सिविल कोर्ट परिसर में वाहन पार्क करने की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। पहले न्यायालय परिसर के खाली जगह में वाहनों को पार्क किया जाता था, लेकिन वहां भवन बन जाने से वकीलों को वाहन पार्क करने में परेशानी होती है।

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